मेरठ, 23 जनवरी (प्र)। आज अखिल विश्व गायत्री परिवार वर्ष 2026 को शताब्दी वर्ष के रूप में मना रहा है ।
युग ऋषि, वेद मूर्ति परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी का आधयात्मिक जन्म दिन व तप साधना के 100 वर्ष एवं परम वंदनीय माता जी के जन्म के 100 वर्ष तथा दिव्य अखंड ज्योति के जलते हुए 100 वर्ष होने पर हरिद्वार स्थित वैरागी द्वीप पर पिछले 5 दिनों से चल रहे शताब्दी समारोह जिसमें देश विदेश से लाखों गायत्री साधकों व अन्य भक्तों ने ओर देश की महान विभूतियों व उच्च राजनेताओं ने शिरकत की और आशीर्वाद प्राप्त किया उसी की शृंखला में आज बसंत पंचमी 23 जनवरी, 2026 को गायत्री शक्तिपीठ कल्याण नगर गढ़ रोड , मेरठ पर पांच कुंडीय गायत्री महा यज्ञ के माध्यम से यह कार्यक्रम पूरे धूमधाम के साथ मनाया गया। इसी मध्य वहां पधारे परिजनों को दीक्षा एवं अन्य संस्कार भी कराए गए। व्यवस्थापक श्री जय प्रकाश गुप्ता जी ने अपने उद्बोधन में बताया गया कि 15 वर्ष की आयु मेंकृ बसंत पंचमी पर्व सन् 1926 को स्वगृहकृ आँवलखेड़ा (आगरा, उत्तर प्रदेश, भारत) में पंडित श्री राम शर्मा आचार्य जी को पूजास्थल में ही दादागुरु स्वामी सर्वेश्वरानन्द जी के दर्शन एवं मार्गदर्शन के साथ-ही-साथ आत्मसाक्षात्कार हुआ।
सन् 1926 से निरंतर प्रज्वलित दीपक, जिसके सान्निध्य में परम पूज्य गुरुदेव श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने 24-24 लक्ष के चौबीस गायत्री महापुरश्चरण संपन्न किए, आज भी इसके बस एक झलक भर प्राप्त कर लेने से ही लोगों को दैवीय प्रेरणा और आंतरिक शक्ति प्राप्त होती है। इसके सान्निध्य में अब तक 2400 करोड़ से भी अधिक गायत्री मंत्र का जप किया जा चुका है। उन्होंने यज्ञ को श्रृष्टि का आधार बताया ओर वैज्ञानिक रूप से सिद्ध किया।
मीडिया प्रभारी गौरव मित्तल ने बताया कि पूज्य श्री राम शर्मा गुरुदेव जी एक ऋषि, एक दूरद्रष्टा और एक सुधारक, श्री राम शर्मा आचार्य जी ने युग निर्माण योजना – जन मानस के परिष्कार के लिए एक आंदोलन की शुरुआत की। उन्होंने विशिष्ट तपस्या हेतु अनुशासित जीवन व्यतीत किया, कई बार हिमालय यात्राएँ सम्पन्न की और आध्यात्मिक ऊँचाइयाँ स्थापित की। परम पूज्य गुरुदेव श्री राम शर्मा आचार जी ने हम बदलेंगे, युग बदलेगा्य का संदेश देकर पूरे राष्ट्र को नई दिशा और संकल्प शक्ति दी।उन्होंने युग निर्माण योजना की शुरुआत की और 21वी सदी उज्वल भविष्य की भविष्य वाणी की थी। यह वर्ष माता भगवती देवी शर्मा (धर्मपत्नी पूज्य पंडित श्री राम शर्मा आचार्य जी) का भी 100 जन्म का वर्ष है। वह एक सामाजिक कार्यकर्त्री तथा अखिल विश्व गायत्री परिवार की सह-संस्थापिका थीं। उन्होने सामाजिक उत्थान तथा नारी जागरण के अनेक कार्यक्रमों का सञ्चालन किया तथा अश्वमेध यज्ञों की श्रृंखला का सफल आयोजन किया। उन्होंने चारों वेदों का भाष्य भी किया।
यज्ञ करवाने वालों में सुधीर पांडे, अनूप शुक्ला (शांतिकुंज, हरिद्वार के प्रतिनिधि) व व्यवस्था में जय प्रकाश गुप्ता व्यवस्थापक, पी के मित्तल कोषाध्यक्ष, डॉ गौरव मित्तल मीडिया प्रभारी, श्री राकेश कुमार, श्रीमती मनोरमा गुप्ता, परवेज, कृष्णा शर्मा, श्रीमती कमलेश भारद्वाज, श्री धीरेन्द्र देव, दुष्यंत आदि सैकड़ों साधक उपस्थित रहे।
