Thursday, January 29

रिश्वत लेते गिरफ्तार सिंचाई विभाग के जेई को भेजा जेल, संपत्ति की भी जांच करेगी विजिलेंस टीम

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मेरठ 29 जनवरी (प्र)। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता (जेई) बृजराज सिंह दो लाख की रिश्वत में जेल चले गए। उनके खिलाफ विजिलेंस की टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज कराया था। बृजराज का परिवार वृंदावन कॉलोनी में अलीशान कोठी के अंदर रहते हैं। उनकी अवैध तरीके से कमाई संपत्ति की भी जांच कराई जाएगी। साथ ही देखा जा रहा है कि जेई के साथ कमीशन की वसूली में कौन-कौन से अधिकारी जुड़े हुए है।

गंगानगर निवासी धर्मसिंह की डीएस कांट्रेक्टर नाम से फर्म रजिस्टर्ड है। फर्म का काम बेटा अंकुर सिंह देखता है। अंकुर ने मछरी माइनर पर पुर्नस्थापना का काम दिसंबर 2025 में पूरा कर दिया था। इसकी एवज में 4.32 लाख रुपये का भुगतान फर्म को सिंचाई विभाग की ओर से किया गया था, जबकि कुछ रकम अभी बकाया था। बकाया रकम को रिलीज कराने के लिए जूनियर इंजीनियर ब्रजराज सिंह ने अंकुर से तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। अंकुर ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत की। मंगलवार को जेई ब्रजराज की घेराबंदी की गई थी। दो लाख रुपये की रकम लेकर अंकुर दोपहर 12 बजे ब्रजराज सिंह के कार्यालय पहुंचा और सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने रंगेहाथ ब्रजराज सिंह को गिरफ्तार किया था। आरोपी ब्रजराज की कार से 8 लाख रुपये की अतिरिक्त रकम भी बरामद हुई। आरोपी से कुल मिलाकर 10 लाख रुपये की रकम बरामद हुई थी। सिविल लाइन थाने में जूनियर इंजीनियर ब्रजराज के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराया गया। बुधवार को आरोपी जूनियर इंजीनियर को एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा है। इसके बाद पुलिस सुरक्षा में आरोपी को जेल भेजा गया।

आठ लाख रुपये भी रिश्वत के निकले
सतर्कता अधिष्ठान के अधिकारियों ने आरोपी जेई ब्रजराज से आठ लाख रुपये अतिरिक्त बरामद किए गए। न ही तो बैंक से रकम निकाली गई और न ही किसी अन्य से रकम ली गई है। ऐसे में सतर्कता अधिष्ठान के अधिकारी मानकर चल रहे हैं कि यह रकम भी रिश्वत में ली गई है।

देखा जा रहा है कि आठ लाख की रिश्वत बृजराज को किसने दी है। उन्होंने कहा कि बृजराज की संपत्ति की भी जांच की जाएगी। उसने वसूली की रकम कहां कहां पर लगाई है। सिंचाई विभाग के आफिस से बृजराज का पूरा रिकॉर्ड निकाला जा रहा है। उसके साथ इस वसूली में स्टाफ के कौन-काैन अफसर शामिल है। उनकी भी पड़ताल की जाएगी। ताकि उन्हें भी मुकदमे में आरोपित बनाया जा सकें।

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