मेरठ 04 फरवरी (प्र)। जाटौली गांव में संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर धर्मशाला की जमीन पर कथित तौर पर कब्जा करने का प्रयास किया गया है। मंदिर समिति ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और धार्मिक कार्यक्रम में बाधा डाली गई।
सुदेश कुमार ने बताया कि समिति ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर सेवा समिति सर्वसमाज सेवा का कार्य करती है। ग्राम जाटौली में प्लॉट संख्या-288 पर यह धर्मशाला स्थित है, जिसका उपयोग संत रविदास के सत्संग और अन्य धार्मिक व सामाजिक कार्यों के लिए किया जाता है।
यह प्लॉट नगर निगम मेरठ में पंचायती दर्ज है। समिति के अनुसार, 22 सितंबर को रामेश्वर, रविंद्र, राजेश लाल कौर, अनित उर्फ बबलू, अरविंद और रामकुमार असावडे सहित कुछ अन्य लोगों ने षड्यंत्र रचकर धर्मशाला के खाली पड़े प्लॉट की चारदीवारी तोड़ दी। उनका उद्देश्य धर्मशाला की जमीन को अपने प्लॉट संख्या-290 और 289 में मिलाकर कब्जा करना था।
जैसे ही समाज के व्यक्तियों को इस घटना की जानकारी मिली, वे सभी एकत्रित होकर मौके पर पहुंचे और विरोधियों से दीवार तोड़ने का कारण पूछा। आरोप है कि इस पर विरोधी आग बबूला हो गए और मौके पर मौजूद राहुल, राहुल पुत्र ओमप्रकाश, जोगिंदर, बिजेंद्र, मनोज (, सागर सहित अन्य लोगों को गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे।
इसी दौरान रामेश्वर ने अपनी देसी पिस्तौल से हवाई फायरिंग भी की। समिति का कहना है कि ये विरोधी बदमाश और भूमाफिया किस्म के व्यक्ति हैं, जो आए दिन गांव में लड़ाई-झगड़ा करते रहते हैं। गांव वालों ने इस घटना के संबंध में उच्च अधिकारियों को शिकायत पत्र दिए थे, लेकिन उन पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
समिति का यह भी आरोप है कि जब भी धर्मशाला में कोई निर्माण कार्य कराया जाता है, तो विरोधी पुलिस को बुलाकर उसे रुकवा देते हैं। रविवार को संत रविदास मंदिर में सत्संग चल रहा था, तभी विरोधी एकत्रित होकर मंदिर परिसर में आए। उन्होंने धार्मिक कार्यक्रम में बाधा डाली, गाली-गलौच की और धमकी दी।
