मेरठ 05 फरवरी (प्र)। फर्जी टैग लगाकर प्रतिष्ठित कंपनियों की बेडशीट तैयार कर बाजार में खपाने वाले बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। बुधवार को एसओजी व डी-डिकोर कंपनी ने मिलकर कस्बे में छह गोदामों पर छापे मारे। करीब 70 लाख रुपये की नकली बेडशीट फर्जी स्टीकर और अन्य सामग्री बरामद हुई। पुलिस ने आठ लोगों को हिरासत में लिया है।
एसएसपी डा. विपिन ताडा के निर्देश पर एसओजी प्रभारी अखिलेश गौड़ और डी-डिकोर कंपनी के आपरेशन मैनेजर अजय कुमार ने मुहल्ला धर्मपुरा, झिटकरी रोड, नई बस्ती समेत कई स्थानों पर छापामारी की। वेलस्पन लिविंग लिमिटेड, बाम्बे डाइंग और डी-डिकोर कंपनियों के स्टीकर लगी तैयार व अर्धनिर्मित बेडशीट बरामद हुई। टीम ने डी- डिकोर के टैग लगी चादरों को जब्त कर लिया, जबकि बाम्बे डाइंग और वेलस्पन स्टीकर लगी बेडशीट को गोदाम में ही छोड़ दिया।
मुहल्ला धर्मपुरा स्थित शहजाद टेक्सटाइल से संचालक शहजाद व कई श्रमिकों को हिरासत में लिया। यहां बनी व अधबनी डी- डिकोर कंपनी की हजारों बेडशीट मिली। झिटकरी रोड नई बस्ती में भी कई गोटमों पर छापे मारे लेकिन संचालक शटर बंद कर फरार हो गए। एसओजी प्रभारी ने बताया कि पहले कंपनी की ओर से रेकी कराई गई थी जिसके बाद कार्रवाई की गई। फरार गोदाम संचालकों की सूची तैयार की जा रही है। स्थानीय पुलिस को इस मामले से दूर रखा गया। देशभर में होती थी सप्लाई छापेमारी के दौरान शहजाद के गोदाम से बिल बुक भी बरामद हुई, जिसमें कई राज्यों के व्यापारियों के नाम दर्ज थे। बांबे डाइंग और डी- डिकोर की बेडशीट पर एमआरपी 2,999 रुपये अंकित थी, जबकि बिलों में इनकी कीमत 50 से 200 रुपये दर्शाई गई थी।
काश पहले की गई होती प्रभावी कार्रवाई
पिछले वर्ष 23 सितंबर व 27 नवंबर को विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने पुलिस के साथ मुहल्ला धर्मपुरा, तहसील रोड और गोमतीनगर स्थित गोदामों पर छापे मारे थे। तब भी 25 लाख रुपये की नकली चादरें और फर्जी टैग बरामद हुए थे। कई संचालकों पर मुकदमा भी हुआ था, लेकिन प्रभावी कार्रवाई न होने से कारोबार जारी रहा।
सरधना सीओ आशुतोष कुमार का कहना है कि नकली बेडशीट तैयार कर बाजार में बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अन्य आरोपितों की पहचान कर उनके नाम भी उजागर किए जाएंगे।
