मेरठ, (दैनिक केसर खुशबू टाईम्स)। मदरसा इस्लामी अरबी अन्दर कोट में एक दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन एवं जश्न-ए-बुखारी शरीफ का आयोजन किया गया। गत दिवस मुख्य अतिथि खतीब-उल-हिंद हजरत मुफ्ती मोहम्मद रहमतुल्लाह मिस्बाही ने इस्लामी समाज के पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मदरसों का अस्तित्व देश एवं राष्ट्र के लिए बहुत लाभकारी है।
अध्यक्षता मदरसा प्रधानाचार्य मोहम्मद शम्स कादरी व संचालन मोहम्मद रईस अहमद ने किया। कार्यक्रम में मदरसा प्रबंधक शेख गुलाम कुतुबुद्दीन साबरी, हजरत मौलाना मोहम्मद हमीदुल्लाह खां कादरी इब्राहिमी रहे। तिलावत-ए-कलाम पाक हाफिज़ कारी मौलाना मोहम्मद सद्दाम हुसैन ने की। हजरत मुफ्ती मोहम्मद सदरूलवरा मिस्बाही उस्ताद हदीस मुबारकपुर आजमगढ़ ने हदीस के फारिगीन उलमा को बुखारी शरीफ की आखिरी हदीस पढ़ाकर खत्म-ए-बुखारी कराई।
देश के लिए हितकारी मदरसों का अस्तित्व : मिस्बाही
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