Tuesday, February 10

दो वर्ष से डिपो में खड़ीं करोड़ों की कीमत वाली छह इलेक्ट्रिक बसें

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मेरठ 05 फरवरी (प्र)। ये तो हद हो गई लापरवाही की। करोड़ों की कीमत वाली छह इलेक्ट्रिक बसें महानगर में लोगों को सेवा देने के बजाए दो वर्षों से लोहियानगर डिपो में खड़ी हैं। इसकी वजह है इन बसों की चाइनीज बैटरी का रिप्लेसमेंट न होना। खास बात है कि इन बसों वर्षों से चक्का जाम होने पर अधिकारियों ने इन बसें की मेंटीनेंस करने वाली कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

दरअसल, नगर विकास विभाग द्वारा महानगर में लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने के लिए वर्ष 2022 में इलेक्ट्रिक सिटी बसें दी थीं। पहले लॉट में 30 बसें दी गई दूसरी लॉट में 21 बसें दी गई इन बसों का संचालन मेरठ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लि. कंपनी द्वारा किया जाता है, जबकि इन बसों की मेंटीनेंस का ठेका 2022 में दस वर्षों के लिए पीएम मोबलिटी कंपनी को दिया गया। इस सेवा में लगाई गई एक इलेक्ट्रिक बस की कीमत करीब ढाई करोड़ रुपये है। लो फ्लोर की इस बस में गड्ढों का पता नहीं लगता। इनमें आरामदायक सीटें आकर्षक हैं। इन बसों की मेंटीनेंस के लिए हैं। ये वातानुकूलित बसें हैं, इनमें गर्मियों पीएम मोबलिटी कंपनी को प्रति यस प्रति यात्री ठंडी हवा का आनंद लेते हैं और ठंड किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया में हीटर चलता है, जिससे इन बसों में ठंड जाता है। इन बसों पर ड्राइवर उक्त कंपनी का का अहसास नहीं होता। ये बसें दिखने में भी होता है, जिसे कंपनी वेतन देती है।

नहीं आई रिप्लेसमेंट की बैट्रियां
वर्ष 2023 के अंत में इन बसों की बैटरी में दिक्कत आई। धीरे-धीरे करके बैटरी खराब होने के कारण छह बसें डिपो में खड़ी हो गई। उक्त बैट्रियां एक चाइनीज कंपनी की थीं और उनकी गारंटी थी. लेकिन वर्ष 2022 में भारत चीन के संबंध खराब होने पर इन बसों लगी बैट्री की कंपनी ने रिप्लेसमेंट को बेटियां नहीं भेजी। पीएमआई मोबलिटी कंपनी बैटरी के कंपनी से पत्राचार करती रही, लेकिन दो वर्ष से अधिक समय हो गया और वैद्रियां रिप्लेस न होने के कारण बसों के चक्के जाम है। खास बात है कि नगरीय बस सेवा बोर्ड ने आज तक इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। यदि उक्त बसों की बैट्रियां शुरू में ही बदल दी जाती तो उक्त बसें हजारों यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाती, लेकिन दो वर्ष से अधिक समय से बसे डिपो में खड़ी रहने के बावजूद अधिकारियों ने मेंटीनेंस करने वाली कंपनी के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं की।

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