Monday, February 23

माननीय मुख्यमंत्री जी ध्यान दीजिए, मेडा का नाम अवैध निर्माण कराओं?

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कैश कॉलेज के निकट लावड़ रोड पर रिहायशी भूमि पर अवैध रूप से हो रहा है कॉमर्शियल कॉम्पलैस का निर्माण
मेरठ, 23 फरवरी (दैनिक केशर खुशबू टाईम्स)।
मेरठ विकास प्राधिकरण मेडा के अवैध निर्माण रोकने के दावे और उन्हें तोड़ने के बयानों के बावजूद मेरठ विकास प्राधिकरण की सीमा में अवैध निर्माणों की बाढ आ गयी है शायद ही कोई ऐसा लिंक मार्ग हो जहां प्रदेश सरकार की निर्माण नीति के विपरीत अवैध निर्माण न हो रहे हों। इनके आसपास के लोगों और जानकारों के कहे अनुसार यह सब कॉमर्शियल और रिहायशी कॉम्पलेक्स मेडा के अवैध निर्माण रोकने से संबंध विभाग के अधिकारियों की मिली भगत से ही बनकर तैयार हो रहे हैं।
बताते चलें कि नॉ प्रोफेट नॉ लॉस पर आम आदमी को घर की छत और गरीब को व्यवसाय के लिए माध्यम उपलब्ध कराने एवं शहरों के सुनियोजित विकास और सौंदर्यकरण के लिए बनाए गये प्राधिकारण अब इनके बिलकुल विपरीत काम करने लगे हैं ऐसा प्राधिकारण की सीमा में सैंकड़ों जगह दिखाई दे सकता है।
नया मामला रूड़की रोड से लावड़ रोड पर जाने वाले कैश कॉलेज से आगे और उधर से आते हुए पहले एक रिहायशी भूमि पर कैश कॉलेज वाली साईड में कॉमर्शियल कॉम्पलैक्स का निर्माण युद्धस्तर पर हो रहा है बताते हैं कि इस जमीन पर स्टे है इसलिए जानकारों के अनुसार इस जमीन पर ना तो कोई निर्माण हो सकता है और ना ही कोई नक्शा पास हो सकता फिर भी दिन रात मानचित्र का बोर्ड लगाकर निर्माण कार्य चल रहा है। पहले तो नक्शा पास ही नहीं हो सकता फिर भू उपयोग परिवर्तित नहीं कराया गया इतना ही नहीं जो साढ़े चार मीटर जगह सड़क से छोड़कर निर्माण होना चाहिए उसे नजरअंदाज कर सरकारी नाली से ही साईड और बैक छोड़े बिना सड़क चल रहा निर्माण और दूसरी मंजिल पर लेंटर डाले जाने की तैयारी चल रही है निर्माण सीधे-सीधे कॉमर्शियल नजर आ रहा है इतना ही नहीं इसके बाहर मानचित्र अगर पास है तो उसका चित्र भी नहीं लगाया गया है कुछ लोगों का कहना है कि मेडा के अधिकारी आते हैं और निर्माणकर्ता से बतियाकर मुस्कराते हुए चले जाते हैं इसका क्या मतलब हो सकता है यह किसी को बताने की आवश्यकता नहीं है।
माननीय मुख्यमंत्री जी अब तो इन अवैध निर्माणों के कारण लगने वाले जाम से परेशान नागरिक यह कहने लगे हैं कि इससे तो अच्छा है कि मेडा का नाम अवैध निर्माण कराओ विभाग रख दिया जाये तो कम से कम सरकार को कुछ तो किसी ना किसी रूप में प्राप्त होगा ही अभी तो मौखिक चर्चा अनुसार क्षेत्र के अवैध निर्माण रोकने से संबंध एई और जेई और अन्य अधिकारियों का बैंक बैलेंस और सुविधा ही बढ़ाई बताई जा रही हैं।
नोट माननीय मुख्यमंत्री जी की अवैध निर्माणों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के आदेशों के बावजूदों के बन रहे इस कॉमर्शियल कॉम्पलैक्स

  1. अगर कोई स्टे हैं तो नक्शा कैशे पास हुआ।
  2. क्या निर्माणकर्ता ने भू उपयोग परिवर्तित कराया।
  3. निर्माण सरकार की निर्माण नीति के तहत है या नहीं।
  4. अगर नक्शा पास हुआ तो कितनी जगह में क्या बनाने और अब क्या बन रहा है।
  5. सहित ऐसे अनेक बिन्दु जो सरकार द्वारा निर्माणों के लिए निर्धारित किये गये हैं उन सभी को ध्यान में रखते हुए जांच की जाये ऐसा क्षेत्र के अमन पसंद नागरिकों का मत है।

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