मेरठ 05 मार्च (प्र)। रघुनंदन सराफ और भगवान बुक डिपो के मालिक से एक करोड़ रुपये की ठगी के मुख्य आरोपी पंकज समेत तीन आरोपियों को मेरठ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी मुंबई और अजमेर से की गई है। आरोपियों से ठगी गई एक करोड़ रुपये की सोने की ज्वेलरी बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है। सदर थाने में मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है।
साकेत कॉलोनी निवासी तन्मय अग्रवाल की आबू प्लाजा में रघुनंदन सर्राफ नाम से ज्वेलरी शोरूम है। 18 फरवरी 2026 को महाठग पंकज भारद्वाज निवासी हिसार ने दिल्ली के कृष्णा ज्वेलर्स के नाम से तन्मय को कॉल किया और एक करोड़ के जेवरात मांगे। तन्मय पूर्व में कृष्णा ज्वेलर्स के यहां से दिल्ली से सामान लाते थे, इसलिए परिचित थे। कृष्णा बने पंकज ने बताया कि उनका आदमी आएगा और सामान पसंद कर ले जाएगा। भुगतान कैश में करने की बात कही गई। इसके बाद पंकज खुद ही दोपहर 1.30 बजे शोरूम पर पहुंचा और एक करोड़ रुपये के सोने के जेवरात पसंद कर पैक करा लिए।
रुड़की रोड पर शांति निकेतन कॉलोनी निवासी प्रवीण शर्मा भगवान बुक गैलेक्सी के मालिक है। प्रवीण एक करोड़ की कच्ची रकम को अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करना चाहते थे। प्रवीण को दोस्त पुष्पेंद्र ने पश्चिम बंगाल के कृष्णा उर्फ पंकज और राजवीर निवासी बिहार का परिचय दिया। कृष्णा बने पंकज ने प्रवीण को एक करोड़ की रकम लेकर रघुनंदन सर्राफ के यहां जाने को कहा। बताया कि रकम देने के बाद कुछ ही देर में बैंक खाते में एंट्री हो जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान आरोपी पंकज भारद्वाज ज्वेलरी शोरूम में खुद आया और पहले से पसंद किए गए एक करोड़ के जेवरात लेकर फरार हो गया।
तीन आरोपियों ने वाराणसी में की थी दो करोड़ की ठगी
एक करोड़ की ठगी में पुलिस की छानबीन में खुलासा हुआ कि हिसार के पंकज भारद्वाज ने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था इस मामले में सचिन का नाम भी सामने आया था। यह भी खुलासा हुआ कि वर्ष 2022 में इसी गैंग ने वाराणसी में भी रेशम कारोबारी के मैनेजर से 2 करोड़ की ठगी की थी। एसएसपी मेरठ अविनाश पांडेय ने घटना का खुलासा करने और पंकज समेत बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें लगाई थी। आरोपी पंकज और उसके 2 साथी को मुंबई और अजमेर से गिरफ्तार किया गया है। ठगी गई रकम को बरामद करने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
सदर थाने में मुकदमा दर्ज
सदर थाने में मंगलवार रात को प्रवीण शर्मा को पीड़ित दिखाते हुए एक करोड़ की ठगी किए जाने की तहरीर लिखवाई गई। इसी तहरीर पर पंकज समेत बाकी आरोपियों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया है।
