मेरठ, 30 मार्च (जा)। शहर को प्रदूषणमुक्त बनाने और यात्रियों को सुगम यात्रा देने के उद्देश्य से चलाई गईं इलेक्ट्रिक बसें अब विभागीय लापरवाही और तकनीकी अभाव का शिकार हो रही हैं। बैट्री न होने के कारण पिछले डेढ़ साल से आठ इलेक्ट्रिक बसें लोहियानगर स्थित मेरठ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज के डिपो में खड़े-खड़े जंग खा रही हैं। मेरठ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज के पास कुल 50 इलेक्ट्रिक बसें हैं, जिनमें से वर्तमान में 42 बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं। लोहियानगर के डिपो प्रभारी सचिन सक्सेना का कहना है कि इन बसों के रखरखाव की जिम्मेदारी ग्रीन सेल मोबिलिटी कंपनी के पास है। कंपनी द्वारा बैट्री मुहैया न कराए जाने के कारण विभाग ने अनुबंध की शर्तों के आधार इन बसों के मेंटेनेंस चार्ज की कटौती की जा रही है। कंपनी को पत्र भेजकर नई बैट्री की आपूर्ति करने के लिए कहा गया है। कंपनी ने अप्रैल तक चार बसों की बैट्री मुहैया कराने की बात कही है। इन बसों की बैट्री की गारंटी पांच साल की थी, इसी अवधि में यह खराब हो गई । ठेका एजेंसी गारंटी पीरियड में बैट्री रिप्लेसमेंट करना चाहती थी। विभाग ने इसमें हो रही देरी के चलते नई बैट्री लगाने को पत्र लिखा है।
आठ इलेक्ट्रिक बसें डिपो में बैट्री के अभाव में डेढ़ साल से जंग खा रहीं
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