मेरठ 01 अप्रैल (प्र)। शहर के दो उपकेंद्रों पर पावर ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने पर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने कड़ी कार्रवाई की है। 33 केवी लाइनों का रखरखाव करने वाले अधिशासी अभियंता, दो सहायक और दो अवर अभियंता को निलंबित कर दिया है। कार्रवाई से अधिकारियों में खलबली मच गई है।
PVVNL द्वारा आने वाले ग्रीष्म सीजन के मद्देनजर एक माह का अनुरक्षण अभियान चलाया गया था। ताकि गर्मियों में निर्बाध आपूर्ति हो सके। इसके बावजूद उक्त ट्रांसफार्मरों की ठीक प्रकार मरम्मत नहीं किए जाने से फाल्ट हुए हैं जिसके चलते प्रबंध निदेशक ने कार्रवाई की है।
उद्योगपुरम द्वितीय बिजली उपकेंद्र पर स्थापित 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर क्षति ग्रस्त पाया गया था। जांच में सामने आया था कि 11 केवी फीडर पर फेज टू फेज फाल्ट होने से ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुआ।
इस मामले में सहायक अभियंता विशाल सिंह और अवर अभियंता सतीश चंद्र चौधरी को अनुरक्षण माह में ट्रांसफार्मर का ठीक प्रकार परीक्षण और निरीक्षण करने का दोषी पाया गया है। जिस पर उनकाे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इसी तरह सोफीपुर उपकेंद्र पर स्थापित 10 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर 15 मार्च को क्षतिग्रस्त हो गया। इसका भी अनुरक्षण और परीक्षण सही प्रकार नहीं करने पर सहायक अभियंता विद्यासागर और अवर अभियंता अनुराग प्रताप सिंह को तत्काल से निलंबित किया गया है।
उद्योगपुरम और सोफीपुर में क्षतिग्रस्त पावर ट्रांसफार्मरों के लिए अधिशासी अभियंता वीके सिंह को भी प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। उन्हें भी निलंबित किया गया है। पांचों अभियंताओं को मुख्य अभियंता गजरौला से संबद्ध किया गया है।
पावर कारपोरेशन के चेयरमैन ने दिए थे कार्रवाई के आदेश मेरठ जोन वन में एक साल के अंदर तीन पावर ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। सोफीपुर, उद्योगपुरम द्वितीय के अलावा रामलीला मैदान पर स्थापित ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुआ है।
एक-एक ट्रांसफार्मर की लागत करोड़ों में होती है। पावर कारपोरेशन के चेयरमैन डा. आशीष गोयल ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एमडी रवीश गुप्ता को पत्र लिखा था।
पत्र में कहा है कि उक्त मामलों में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता मेरठ प्रथम द्वारा छोटे मोटे ट्रांसफार्मर के क्षतिग्रस्त होने पर अधीनस्थ कर्मचारियाें पर पेनाल्टी लगाई जा रही है। मामले में गोपनीय जांच कराते हए आख्या तीन दिन में भेजने के लिए कहा था।
जिन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, इनमें अधिशासी अभियंता विपिन कुमार सिंह, एसडीओ विद्यासागर, विशाल सिंह, जेई सतीश चंद चौधरी, अनुराग प्रताप सिंह शामिल है। पांच अधिकारियों का निलंबन आदेश एमडी पीवीवीएनएल रवीश गुप्ता ने जारी कर दिया। एमडी ने पूरे मामले में मुख्य अभियंता मेरठ जोन प्रथम मुनीश चोपड़ा एवं अधीक्षण अभियंता शहर मोहम्मद अरशद से स्पष्टीकरण मांगा है।
