Wednesday, April 1

नए सिरे से बनेगा ओडियन नाला, किला रोड होगी चौड़ी

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मेरठ 01 अप्रैल (प्र)। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन जारी हुए आवंटन पत्रों ने मेरठ की सूरत बदलने के लिए खजाना खोल दिया है। मेजर ध्यानचंद खेल विवि का निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए 121 करोड़ रुपये जारी हुए। वहीं मेडिकल में नई बिल्डिंग के लिए सात करोड़, शहर के आठ चौराहों के नवनिर्माण/सौंदर्यीकरण के लिए 31.08 करोड़ रुपये जारी किये गये। इसी तरह शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों के लिए 8.95 करोड़ रुपये जारी हुए हैं।

मेरठ शहर के उपवन के लिए दो करोड़ रुपये जारी हुए। इस तरह शासन से वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 200 करोड़ से अधिक की राशि जारी की गई। नगर निगम को अवस्थापना और वित्त आयोग से भी करीब 32 करोड़ रुपये मिले हैं। शाम में डीएम डा.वीके सिंह ने ट्रेजरी में पहुंच कर निरीक्षण किया। मुख्य कोषाधिकारी वरुण खरे से जानकारी ली।

नगर निगम में अफरातफरी के बीच जमा हुए 4 करोड़
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन मंगलवार को नगर निगम में सुबह से ही गृहकर का बिल जमा करने के लिए अफरातफरी की स्थिति रही। बिल जमा करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह आठ बजे से ही लोग काउंटर पर पहुंच गए। वहीं दोपहर में अधिक भीड़ होने पर प्रवर्तन दल की टीम को लगाना पड़ा। देर शाम तक करीब चार करोड़ रुपये जमा होने की निगम अधिकारियों ने पुष्टि की। वहीं बिजली विभाग ने भी करीब आठ करोड़ रुपये जमा किये। नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष अनिल वर्मा के साथ पार्षद पंकज गोयल, प्रवीण अरोड़ा, राजकुमार मांगलिक,उत्तम सैनी आदि भी बिलों को ठीक कराकर जमा कराने में लगे रहे।

बजट की ‘वापसी’: 65 करोड़ से अधिक हुए सरेंडर
जहां एक तरफ बजट आया, वहीं दूसरी तरफ नौ विभागों ने 65 करोड़ से अधिक की राशि शासन को वापस कर दिए। इसका मुख्य कारण बजट का वित्तीय वर्ष 2025-26 के मद में होना था, जिसे अगले वर्ष इस्तेमाल नहीं किया जा सकता था। सबसे अधिक चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य में 18 करोड़, पीडब्लूडी में आठ करोड़, कृषि में नौ करोड़, सिंचाई में करीब सात करोड़, तकनीकी शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा में छह-छह करोड़, पशुपालन में दो करोड़, बेसिक शिक्षा में 1.76 करोड़ और व्यापार कर विभाग में 85 लाख रुपये वापस किये गये।

निबंधन विभाग में 6.17 करोड़ हुए जमा
निबंधन विभाग के लिए वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन बेहतर रहा। महावीर जयंती को लेकर राजकीय अवकाश के बावजूद जिले के छह निबंधन कार्यालयों में 326 बैनामे हुए और विभाग को 6,17,71,830 रुपये प्राप्त हुए।

इन परियोजनाओं के लिए हुई धनवर्षा
● थीमेटिक डवलपमेंट ऑफ हस्तिनापुर रोड कार्य के लिए 37.62 करोड़
● जेल चुंगी से भावनपुर (ईस्टर्न बाईपास इंटर सेक्शन) तक सड़क चौड़ीकरण को 26.26 करोड़
● शताब्दीनगर एसटीपी से मोहकमपुर औद्योगिक क्षेत्र तक उपचारित जल का पुनर्चक्रण के लिए 2.90 करोड़
● सूरजकुंड पार्क का जीर्णोद्धार एवं विकास के लिए 10.84 करोड़
● शहर के सात चौराहों मंगल पांडेय चौक, फुटबॉल चौक, शहीद भवन चौक, स्टेडियम चौक, बाउंड्री रोड चौक, शिव मंदिर चौक, भूमिया माता का पुल चौक आदि के लिए 27.82 करोड़
● बच्चा पार्क चौराहे का जंक्शन इंप्रूवमेंट के लिए 3.26 करोड़

वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन मेरठ विकास प्राधिकरण की परियोजनाओं के लिए भी जमकर धनवर्षा हुई। इसमें इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान फॉर मेरठ की परियोजनाएं भी शामिल हैं। परियोजनाओं की लागत के सापेक्ष 35 फीसदी धनराशि मिलने से अब इन परियोजनाओं का टेंडर जारी करके कार्य शुरू कराया जाएगा। 35 फीसदी धनराशि खर्च होने के बाद शासन से 35 फीसदी धनराशि की दूसरी किस्त जारी की जाएगी। यह जानकारी मेडा वीसी संजय कुमार मीना ने दी।

मेडिकल कॉलेज ने 28 फरवरी को ही पूरा किया टारगेट
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 72 लाख रुपये का आवंटन हुआ है। इस बजट से रेडियोलॉजी विभाग में नई अल्ट्रासाउंड आधुनिक मशीन स्थापित की जाएगी। सरकारी यूजर चार्ज पर आधुनिक तकनीक वाला अल्ट्रासाउंड उपलब्ध होगा।

मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता का कहना है कि मार्च के अंतिम वित्तीय दिनों में जल्दबाजी नहीं करनी पड़ती है। क्योंकि अपने वित्तीय बजट के सभी कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन 28 फरवरी का टारगेट दिया हुआ है। बजट से संबंध राशि, बिलिंग, आर्डर और टेंडर की प्रक्रिया को 28 फरवरी तक पूरा कर लिया जाता है।

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