मेरठ 04 अप्रैल (प्र)। मखदूमपुर गंगा घाट पर शुक्रवार को थाना इंचौली के जलालपुर गांव से वृद्धा का अंतिम संस्कार करने आए तीन किशोर समेत चार लोग गंगा नदी में डूब गए। सूचना मिलते ही एसएसपी, एडीएम वित्त समेत आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। देर शाम तक सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन डूबने वालों को पता नहीं चला।
थाना इंचौली क्षेत्र के जलालपुर गांव के कमल सिंह और सोनू के साथ अमन, कुलदीप, प्रदीप, लव कुश, आकाश, फकीरचंद, हरवीर, महेंद्र, मंजू, नरेश पाल, राकेश, जोगिंदर, रामकिशन, वंश, हरिकिशन, मुकेश, कृष्णपाल, रोहतास शुक्रवार को दोपहर लगभग एक बजे 100 वर्षीय भगवती पत्नी मोतीराम का अंतिम संस्कार करने के लिए मखदूमपुर गंगा घाट पर आए थे। अंतिम संस्कार करने के पश्चात परिवार के सदस्य और साथी स्नान करने लगे। गहरा पानी होने के चलते अभिषेक (22 वर्ष), हिमांशु (17 वर्ष), दीपांशु (17 वर्ष) व प्रियांशु (15 वर्ष) गंगा नदी में समा गए, जबकि उनका साथी प्रदीप बड़ी मुश्किल से बच पाया।
सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर बचाव कार्य में जुट गए। हादसे की जानकारी मिलते ही एसडीएम मवाना संतोष कुमार सिंह, सीओ मवाना पंकज लवानिया और तहसीलदार निरंकार सिंह घाट पर पहुंच गए। मोटर बोट और स्थानीय गोताखोरों के साथ सर्च अभियान शुरू कराया, लेकिन देर शाम तक डूबने वालों का पता नहीं चल सका।
एसएसपी अविनाश पांडे और एडीएम एफ सूर्यकांत त्रिपाठी ने गंगा किनारे लाइटें लगवाकर सर्च अभियान चलावाया, परंतु कामयाबी नहीं मिली। पीएसी भी गंगा घाट पर पहुंच गई है। डूबने वाले आपस में चचेरे भाई हैं और भगवती के पौत्र हैं। सभी दादी के अंतिम संस्कार के लिए यहां पहुंचे थे। घटना की सूचना के बाद से गांव में कोहराम मचा हुआ है।
अभिषेक और हिमांशु पुत्रगण कमल सिंह तथा दीपांशु व प्रियांशु पुत्रगण सोनू सगे भाई हैं। अभिषेक एलएलबी, हिमांशु 10वीं, दीपांशु 12वीं तथा प्रियांशु कक्षा 10वीं का छात्र है। सोनू और कमल सिंह दोनों सगे भाई हैं। कमल सिंह के चार पुत्र हैं, जिनमें से दो डूब गए हैं। भगवती की शादी पिलखुवा के पास मुखीमपुर गांव में हुई थी। हालांकि उसके कोई भाई न होने के कारण वह जलालपुर में ही अपने पिता के घर रहती थी। उसकी अन्य दो बहनें भगीरथी और राजबीरी का पहले ही देहांत हो चुका है।
गंगा नदी में डूबे किशोरों और युवक के परिजनों ने एसपी को बताया कि उन्होंने नहाने के लिए मना किया था, लेकिन चारों माने नहीं। अगर उनकी बातें वह मान लेते तो आज ये दिन नहीं देखना पड़ा। इसके बाद परिजन फफक पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों परिवारों को ढांढस बंधाया।
