मेरठ, 14 अप्रैल (अम)। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने फेसबुक पोस्ट के जरिए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है और मेरठ के सेंट्रल मार्केट के मुद्दे को उठाया है। अखिलेश यादव ने लिखा है कि मेरठ न तो 1857 की क्रांति भूला है न ये बात कि भाजपा ने 2014, 2019 और 2024 के आम चुनावों की शुरुआत मेरठ से ही की थी इसीलिए भाजपा के निर्णायक अंत का आरंभ भी मेरठ ही करेगा। मेरठ से एक बार फिर नया आर्थिक स्वतंत्रता आंदोलन जन्म ले रहा है। मेरठ आर्थिक गुलामी को कभी स्वीकार नहीं करेगा। मेरठ फिर से स्वाधीनता का प्रतीक बनेगा। मेरठ न कभी झुका है, न झुकेगा।
उन्होंने लिखा कि 1857 की क्रांति के बाद अब मेरठ से एक और स्वतंत्रता आंदोलन जन्मेगा। सच्चाई तो ये है कि भाजपा ने पहले भूमि अधिग्रहण, काले कानूनों जैसे दुष्प्रयासों से खेतीबाड़ी-किसानी खत्म करनी चाही और अब यूएस डील और मल्टीनेशनल व कुछ अकूत दौलत के मालिकों के इशारे पर भाजपा भारत का व्यापार खत्म कर रही है। उन्होंने ये भी लिखा कि जो बड़े व्यापारी, स्टॉकिस्ट आज भी भाजपा के साथ हैं, आज-कल में वो भी भाजपा की गलत नीतियों और मंसूबों का शिकार बनेंगे, वो भी नहीं बचेंगे। ये बात अब सबको समझ आ रही है इसीलिए हर व्यापारी, दुकानदार, कारखाना मालिक, सूक्ष्म-लघु-मध्यम स्तर का उद्यमी अब भाजपा के विरुद्ध एकजुट हो रहा है। अखिलेश यादव ने लिखा कि भाजपा का बुलडोजर दुकानों-मकानों पर नहीं बल्कि भारत की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था पर चलाया जा रहा है। इसे देश के छोटे-से-छोटे व्यापारी, दुकानदार, रेहड़ी-पटरी-फेरीवाले से लेकर साप्ताहिक हाट, सब्जी मार्केटवाले और बड़े कारोबारी, स्टॉकिस्ट, उद्यमी कामयाब नहीं होने देंगे।
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री पर किया कटाक्ष
अखिलेश यादव ने फेसबुक पोस्ट के जरिए सूबे के मुख्यमंत्री पर भी कटाक्ष किया है। उन्होंने लिखा कि मुजफ्फरनगर जा रहे हैं तो मेरठ के व्यापारियों से भी मिलते आएं या उन्हें मिलने ही बुला लीजिए। जब इतनी गाड़ियों से भीड़ बुला रहे हैं तो मेरठ के दुखी परिवारों को भी बुला लीजिए। मेरठ से मुजफ्फरनगर दूर ही कितना है। मंच से केवल वन-वे भाषण देंगे या जनता के दुख-दर्द भी सुनेंगे। तुम्ही ने दर्द दिया है, तुम्ही दवा देना। बता दें कि गत दिवस मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा थी।
अखिलेश यादव ने फेसबुक पोस्ट के जरिए भाजपा सरकार पर साधा निशाना
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