मेरठ 15 अप्रैल (प्र)। सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के समर्थन में पैदल न्याय यात्रा की शुरुआत करने पहुंचे हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस दौरान हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं की पुलिस से काफी धक्कामुक्की भी हुई। भारी पुलिस बल होने के कारण किसी की एक नहीं चली। पुलिस ने सचिन सिरोही व उनके कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थाने भिजवा दिया।

सचिन सिरोही अपने कार्यकर्ताओं के साथ सुबह ठीक 10:00 सेंट्रल मार्केट स्थित 661/6 पर पहुंच गए। सभी कार्यकर्ताओं के हाथ में स्लोगन लिखे बैनर थे। कार्यक्रम को लेकर पुलिस पहले ही सजग थी। जैसे ही सचिन सिरोही वहां पहुंचे पुलिस फोर्स ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। करीब आधा घंटे तक सचिन सिरोही वहां मौजूद रहे। ठीक 10:30 बजे वह कार्यकर्ताओं के साथ चल दिए। पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया और हिरासत में ले लिया।
एक ओर सचिन सिरोही व्यापारियों और महिलाओं के साथ दिल्ली तक पैदल मार्च पर अड़े रहे, वहीं दूसरी ओर व्यापारियों के व्हाट्सएप ग्रुपों में यात्रा स्थगित करने और धरना स्थल को ही आंदोलन का केंद्र बनाने के संदेश तेजी से वायरल होते रहे।
सचिन सिरोही ने पहले ही ऐलान किया था कि वह बुधवार को दिल्ली तक पदयात्रा करेंगे।इसके लिए मंगलवार की रात पुलिस सचिन सिरोही को ढूंढती रही लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर निकल गए। बुधवार को जब वह यात्रा शुरू करने निकले तो पुलिस ने रोक लिया।
सचिन सिरोही ने कहा कि वह व्यापारियों के भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। वह गृहमंत्री के सामने व्यापारियों का दर्द बयां करेंगे। पुलिस अफसरों ने सचिन को किसी भी दशा में वहां से आगे जाने से मना कर दिया। बातचीत शुरू हुई तो प्रशासनिक अफसर को बुलाकर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया। ACM सिविल लाइन प्रभाकर त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और ज्ञापन लिया।
ज्ञापन में उन्होंने सेंट्रल मार्केट को बचाने के लिए जल्द से जल्द कानून बनाने की मांग की है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए भाजपा की ओर से बड़े वकील की व्यवस्था करने और अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल को गृहमंत्री से मिलवाने की मांग उठाई।
ज्ञापन सौंपते ही पुलिस ने सचिन सिरोही और उनके एक पदाधिकारी धर्मेंद्र सिंह को हिरासत में ले लिया और प्राइवेट गाड़ी में बिठाकर थाने भेज दिया।
