मेरठ, 20 अप्रैल (प्र)। कंकरखेड़ा स्थित फाजलपुर गांव के लोग बोलें कि साहब हमारे गांव की बहन-बेटियों के नहीं हो रहे रिश्ते यह दर्द भरी आवाज कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के फाजलपुर गांव से उठी जब बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी सामाजिक पीड़ा लेकर थाने पहुंच गए। गांव में फैल रहे शराब, गांजा और चरस के अवैध कारोबार ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि अब इसका असर सीधे परिवारों की इज्जत और बेटियों के भविष्य पर पड़ने लगा है।
ग्रामीणों ने इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार से मुलाकात कर साफ शब्दों में कहा कि गांव मैं नशे का कारोबार बेलगाम हो चुका है। युवाओं की छवि खराब हो रही है, जिससे बाहर के लोग रिश्ते करने से कतरा रहे हैं। गांव की पहचान अब नशे के गढ़ के रूप में बनने लगी है, जो पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई स्थानों पर खुलेआम नशे की बिक्री हो रही है, जिससे युवा पीढ़ी तेजी से इसकी चपेट में आ रही है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अभिभावकों को अपनी बेटियों के रिश्ते तय करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। थाने पहुंचे लोगों ने पुलिस से मांग की कि गांव में चल रहे अवैध शराब, गांजा और चरस के कारोबार को जड़ से खत्म किया जाए और इसमें लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और जल्द ही विशेष अभियान चलाकर नशे के कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पूरे गांव की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि सख्त कदम उठाए जाने से न सिर्फ नशे के कारोबार पर रोक लगेगी, बल्कि गांव की खराब हो रही छवि भी सुधरेगी और बहन-बेटियों का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा।
नशे के अवैध कारोबार बन रहा गांव की बहन बेटियों के रिश्ते न होने का कारण
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