Thursday, April 23

कमिश्नर ने दी अनुमति, बस अड्डों की जमीन के लिए होगा 100 करोड़ भुगतान

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मेरठ 23 अप्रैल (प्र)। शहर को जाममुक्त करने के लिए रोडवेज के भैंसाली बस अड्डे को शहर के बाहर भूडबराल और मोदीपुरम में स्थानांतरित किया जा रहा है। दोनों बस अड्डों के लिए अधिग्रहीत की जा रही जमीन के अवार्ड जिला प्रशासन तैयार कर लिए हैं। जमीन मालिकों को लगभग 100 करोड़ रुपये भुगतान के लिए मंडलायुक्त ने अनुमति दे दी है। जिला प्रशासन का कहना है कि एनसीआरटीसी से इस धनराशि की मांग की जाएगी। अगले सप्ताह भूमि मालिकों को मुआवजे का भुगतान शुरू होने की उम्मीद है।

मेरठ मेट्रो और नमो भारत प्रोजेक्ट के लिए भैंसाली बस अड्डा और वर्कशाप की जमीन को एनसीआरटीसी को सौंपा गया है। यहां से इस बस अड्डे को दो स्थानों भूड़बराल और मोदीपुरम में स्थानांतरित किया जा रहा है। बस अड्डों के निर्माण की जिम्मेदारी एनसीआरटीसी को सौंपी है। जिला प्रशासन ने दोनों स्थानों पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली है। संबंधित किसानों को लगभग 100 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाना है।

मुआवजा राशि 40 करोड़ से ज्यादा होने के कारण भुगतान के लिए मंडलायुक्त के आदेश की जरूरत थी। इसका प्रस्ताव मिलने पर मंडलायुक्त ने सरकारी जमीन का अधिग्रहण और भुगतान की आशंका समाप्त करने के लिए जिला प्रशासन से जमीनों के 12 साला और 1359 फसली रिकार्ड के साथ 15 बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। रिपोर्ट मिलने पर मंडलायुक्त ने भुगतान की अनुमति दे दी है। भूढ़बराल बस अड्डे के लिए केवल भूडबराल गांव की और मोदीपुरम बस अड्डे के लिए सिवाया, दुल्हेड़ा और पल्हड़ा गांवों के 79 भूमि मालिकों की कुल 39,930 वर्ग मीटर जमीन खरीदी जा
रही है। इसकी खरीद के लिए मुआवजा राशि के रूप में लगभग 100 करोड़ रुपये की मांग एनसीआरटीसी से की जाएगी।

पुनर्वास के लिए मिलेगी आर्थिक मदद
दोनों बस अड्डों के लिए चिह्नित जमीन के भूमि मालिकों में 79 परिवारों को पुनर्वास की जरूरत होगी। भूडबराल बस अड्डे की जमीन में 31 तथा मोदीपुरम बस अड्डे की जमीन में 48 परिवार प्रभावित हो रहे हैं। सभी को 5.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मंडलायुक्त से इसकी भी अनुमति ले ली गई है।

जिलाधिकारी डा. वीके सिंह, का कहना है कि मंडलायुक्त के आदेश पर बस अड्डों के लिए अधिग्रहीत की जा रही जमीनों के पुराने रिकार्ड का सत्यापन किया गया। इससे सरकारी और अन्य भूमि के गलत भुगतान की आशंकाएं समाप्त हो जाएंगी। मंडलायुक्त ने भुगतान की अनुमति दी है। एनसीआरटीसी से धनराशि प्राप्त कर भुगतान शुरू कराया जाएगा।

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