परीक्षितगढ़ 21 जनवरी (प्र)। सोशल मीडिया पर तेंदुए की पेड़ से उतरकर खेत में घुसने की वीडियो वायरल हो रही है। वीडियो गांव अगवानपुर की बताई जा रही है। जिससे ग्रामीण व किसान भयभीत है। वन विभाग टीम को कांबिंग के दौरान तेंदुआ होने का प्रमाण नहीं मिलता है। तीन दिन पूर्व पुलिस जीप के सामने आने की वीडियो वायरल हुई थी। जिससे रास्ते सुनसान नजर आने लगे। मंगलवार को गांव अगवापुर के जंगल में एक पेड़ पर तेंदुआ बैठा हुआ था। पेड़ से तेंदुए की उतरकर पास के खेत में कूदकर भागते हुए की वीडियो फिर से सोशल मीडिया पर वायरल होकर हलचल मचा दी है।
वीडियो वायरल होने से गांव अगवानपुर, चितमाना शेरपुर, पूठी, नीमका, झब्बापुरी सहित अनेक गांवों में भय का माहौल बन गया है। किसानों को फसल की देखभाल व विद्यार्थियों को स्कूल आते-जाते समय अपनी जान जोखिम में डालने का डर सता रहा है। तेंदुआ वन विभाग के साथ आंख मिचौली का खेल खेल रहा है। जिसमें वह वन विभाग को खूब छक्का रहा है और कभी इस मार्ग तो कभी इस मार्ग पर खुलेआम घूम रहा है। ग्रामीणों का मानना है तेंदुआ कहीं नहीं गया, अभी गांव में ही है। गांव की आबादी से मात्र कुछ किलो मीटर दूरी पर दिखाई देने से ग्रामीण सतर्क बने हुए हैं।
सबसे ज्यादा अपने छोटे बच्चों व पशुओं की चिंता सता रही है। वन विभाग बड़ा कमाल का है। मात्र कुछ डंडों के सहारे तेंदुए को पकड़ने के लिए चल देता है और घटना स्थल के समीप देख गए तेंदुए की तलाश में आसपास के ईख के खेतों व बागों में कांबिंग करता है, लेकिन वन कर्मियों को तेंदुए से इस दौरान सामना हो जाए तो वन कर्मी की जान भी जा सकती है। वन विभाग को जांच पड़ताल के दौरान तेंदुए होने के साक्ष्य नहीं मिलते और दोबारा से दिखाई देने पर सूचना देने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेता है। तेंदुए की खबर से आसपास के मार्गों पर दिन ढलते ही सुनसान होने लगते हैं, रात के समय यह रास्ते खौफ में बदल जाते हैं।
इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी विनोद सजवान ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। यदि तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि होती है, तो सुरक्षा के सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अकेले बाहर न निकलें और बच्चों पर विशेष नजर रखें।
