मेरठ 03 जनवरी (प्र)। नौचंदी थाना क्षेत्र में लोकप्रिय अस्पताल में भर्ती मरीज हाईडिल कॉलोनी जेल चुंगी निवासी संजय चौधरी (46) ने शुक्रवार रात अस्पताल की दूसरी मंजिल के बाथरूम की शीशे वाली खिड़की तोड़कर नीचे कूदकर आत्महत्या कर ली। वह बुधवार से आईसीयू भर्ती था। मरीज के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस ने समझा बुझाकर परिजनों को शांत किया। बाद में शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर कांगड़ा निवासी संजय कुमार अपनी पत्नी ज्योति व एक बेटे शुभांक के साथ यहां हाईडिल कालोनी के पास रहते आ रहे थे।
मरीज के साले बिजली विभाग में लिपिक प्रदीप डोगरा ने बताया कि उनके बहनोई संजय चौधरी शहर में माईक्रोटेक सर्विस सेंटर पर नौकरी करते थे। उनमें खून की कमी के कारण कमजोरी थी और वो कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। डॉक्टर को दिखाया तो बताया गया कि उनमें हीमोग्लोबिन केवल चार प्रतिशत है।
डॉक्टर के कहने पर संजय चौधरी को बुधवार 31 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत को देखते हुए उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया था। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे संजय चौधरी ने बाथरूम जाने की बात कही। इसके बाद वो दूसरी मंजिल के बाथरूम में गए। बाथरूम की शीशे वाली खिड़की को तोड़कर संजय चौधरी दूसरी मंजिल से नीचे कूद गया।
उसके नीचे गिरने पर वहां मौजूद गार्ड ने शोर मचाया। हादसे से अस्पताल में हड़कंप मच गया। डाक्टरों और कर्मचारियों ने उन्हें तुरंत आईसीयू में भर्ती कराया, जहां पर उपचार के दौरान संजय चौधरी की मौत हो गई। खबर मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और हंगामा कर दिया।
परिजनों ने अस्पताल में सुरक्षा प्रबंध पर सवाल उठाए और लारवाही का आरोप लगाया। सूचना पर नौचंदी थाना प्रभारी और सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी मौके पर पहुंचे। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से भी इंकार कर दिया। सीओ के समझाने पर देर रात परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार हुए। सीओ ने बताया कि मरीज ने अस्पताल की दूसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या की है। परिजन जो भी तहरीर देकर उनके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। अस्पताल के सीसीटीवी भी चेक किए जा रहे है।
प्रदीप डोगरा ने बताया कि वो अपने बहनोई संजय चौधरी से शुक्रवार रात नौ बजे मिलकर गए थे। उन्होंने खिचड़ी खाई थी। बोले थे कि अब आराम है। ऐसा नहीं लग रहा था कि वो परेशान है और ऐसा कदम उठाएंगे। उन्होंने सुरक्षा प्रबंध पर सवाल उठाते हुए लापरवाही का आरोप लगाया।
ऐसे में सवाल यह है कि संजय खुद टॉयलेट में कैसे चले गए। अगर किसी स्टाफ के द्वारा भी उन्हें वहां ले जाया गया था तो फिर संजय ने अंदर से दरवाजा कैसे लगा लिया? फिलहाल पुलिस जांच कर रही है।
