Monday, March 9

एक करोड़ का सोना ठगने वाले गिरोह के चार आरोपी गिरफ्तार

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मेरठ 09 मार्च (प्र)। रघुनंदन ज्वेलर्स से एक करोड़ रुपये के सोने की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से 80 लाख रुपये के जेवरात और 89,500 रुपये बरामद किए हैं, जबकि गिरोह के अन्य सदस्य अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है।

बीते शनिवार को पुलिस लाइन के सभागार में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह की प्रेस कांफ्रेंस में चारों आरोपियों को मीडिया के समक्ष पेश किया गया। एसपी सिटी ने बताया कि इस मामले में हरियाणा के हिसार निवासी पंकज भारद्वाज, हापुड़ निवासी राजवीर सिंह, निशांत तोमर और सरधना के सचिन कुमार को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से सोने की चेन, कड़े, अंगूठियां, नकदी और कई मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि गिरोह का मुख्य सूत्रधार सचिन शर्मा, मुकुल उर्फ सुच्चा और खुद को सेना में मेजर बताने वाला कृष्णा अभी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।

एसपी सिटी ने बताया कि मामले में हीना नाम की युवती का नाम भी सामने आया है, जोकि राजवीर की गर्लफ्रेंड है। उन्होंने बताया कि 18 फरवरी को सदर बाजार थाना क्षेत्र स्थित रघुनंदन ज्वेलर्स शोरूम से करीब एक करोड़ रुपये का सोना ठगी कर ली गई थी। घटना के खुलासे के लिए एसओजी, स्वाट टीम और थाना पुलिस की करीब छह टीमें लगातार काम कर रही थीं। जांच के दौरान पुलिस ने कई स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंची।

पूछताछ में सामने आया कि गिरोह लोगों को यह झांसा देता था कि वह उनके नकद पैसे को बैंक खाते में ट्रांजेक्शन के जरिए सफेद करा देंगे। इसी बहाने पीड़ित से नकद रकम मंगवाई जाती थी। इसके बाद ज्वेलरी शोरूम में यह दिखाया जाता था कि वही रकम सोना खरीदने के लिए दी जा रही है। जब तक दुकानदार को वास्तविकता समझ आती, आरोपी ज्वेलरी लेकर फरार हो जाते थे।

भरोसा जीतकर जरूरतमंदों को बनाते थे निशाना
एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह खासतौर पर ऐसे लोगों को तलाशता था जिन्हें बड़ी रकम की जरूरत होती थी या जो नकद पैसे को बैंक खाते में ट्रांजेक्शन के जरिए बदलवाना चाहते थे आरोपी खुद को प्रभावशाली लोगों और सरकारी संपर्कों से जुड़ा बताकर भरोसा जीत लेते थे। इसके बाद जीएसटी बिल और ट्रांजेक्शन के नाम पर जाल बिछाकर उन्हें अपने जाल में फंसा लेते थे। पुलिस को शक है कि इस तरह की वारदातें पहले भी कई शहरों में की जा चुकी हैं। गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। और फरार साथियों की तलाश जारी है।

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