मेरठ 02 जनवरी (दैनिक केसर खुशबू टाइम्स)। मेरठ विकास प्राधिकरण मेडा अपना कार्य क्षेत्र तो बढ़ाता जा रहा है और सरकारी स्तर पर भी इसे मंजूरी मिलती जा रही है। लेकिन जिस दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर क्षेत्र विस्तार की मंजूरी शासन द्वारा दी जा रही है उसका पालन नागरिकों के अनुसार विभाग के अधिकारी नहीं कर पा रहे है क्योंकि आसपास की तहसीलों में सुनियोजित विकास और सौन्दर्यकरण तथा सरकार की निर्माण नीति के तहत तो कार्य नहीं हो पा रहा लेकिन हां अभी तक शहर की सीमा में ही मानचित्र पास बताकर अवैध निर्माण करने सरकारी भूमि घेरने और निर्माण नीति का पूरी तौर पर उल्लंघन करने में लगे भूमाफिया कच्ची कालोनी काटने वाले व अवैध निर्माण करने वाले अब आसपास की तहसीलों के क्षेत्र में अवैध निर्माण कच्ची कालोनियां काटने और भूउपयोग गलत तरीके से बताकर बेचने के काम में सक्रिय हो गये बताये जाते है।
इस संदर्भ में जागरूक नागरिकों का कहना है कि सरधना तहसील के तहत आने वाले भूनीटोल प्लाजा के निकट शामली हाईवे पर कुछ भूमाफियाओं व अवैध निर्माणकर्ताओं द्वारा श्रीकुंज ग्रीन प्रोजेक्ट के नाम से प्लाट काटे गये जानकारों का कहना है कि उक्त प्लाटों का वितरण और प्रोजेक्ट नियम अनुसार नहीं है। मेडा और संबंधित विभाग अधिकारी व एसडीएम सरधना एवं तहसीलदार को इस संदर्भ में श्रीकुंज ग्रीन के नाम से काटी गई कालोनी और बेचे गये प्लाटों पर फिलहाल इनकी रजिस्ट्री पर रोक लगाकर यह जांच करानी चाहिए कि वो शासन की निर्माण नीति और भूउपयोग तथा शासन द्वारा इस संदर्भ में जो मापदंड अपनाये गये वो है उनका पालन हो रहा है या नहीं। एक खबर के अनुसार कोलोनाईजरों द्वारा किया गया दावा भी कि 95 प्रतिशत प्लॉटों की बिक्री पूरी हो गई है संदेह के दायरे में बताया जा रहा है।
आये दिन ऐसी कालोनियों व इन्हें काटने वालों के चक्रव्यूह में फंसकर नागरिकों को होने वाली परेशानियों के चलते प्रशासन पुलिस और शासन के समक्ष भी कई कठिनाईयां खड़ी होती है। ऐसा ना हो अगर कोई कहीं फर्जीवाड़ा या गलत काम हो रहा है तो उसे शासन की नीति के तहत समय से रोकने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और देखा जाए कि यह कालोनी काटने की अनुमति कहां से ली गई और ली गई तो कितनी जमीन पर कितने प्लॉट काटने और मकान बनाने की ली गई और इसमें सरकार की नई निर्माण नीति और प्लॉट काटने की योजना के तहत मानक के अनुकूल सड़के व पार्क छोड़े गये या नहीं तथा जो सुविधाएं उपभोक्ता को मिलनी चाहिए वो दी जा रही है या नहीं।
मंड़लायुक्त जी वर्तमान में कुछ बिल्डरों ने सरकार की नीतियों का उल्लंघन करने का ठेका ले लिया लगता है और उनमें श्रीकुंज ग्रीन प्रोजेक्ट के संचालक भी शामिल बताये जाते हैं। किसी भी प्रकार से उपभोक्ता को धोखा ना हो सरकार की नीतियों का हो पालन इसके लिए फिलहाल श्रीकुंज ग्रीन प्रोजेक्ट की पूर्ण स्थिति की जांच जन और शासन हित में किसी योग्य अधिकारी से कराई जाए ऐसा नागरिकों का मानना है।
इस कालोनी में बड़े पैमाने पर अवैध खनन भी हुआ जिसकी सूचना अनुसार शिकायत भी हुई है।

