Saturday, March 21

श्रीकुंज ग्रीन्स से सावधान! ना रेरा में रजिस्ट्रेशन, नक्शा क्या और कहां से हुआ पास पता नहीं, श्रीकुंज ग्रीन्स की उपभोक्ता हित में शासन की नीति का पालन कराने हेतु जिलाधिकारी जी करायं जांच

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मेरठ, 21 मार्च (दैनिक केसर खुशबू टाईम्स)। जमीनों की खरीद फरोख्त में हो रहे घोटालों और घपलों तथा इस नाम पर आये दिन ठगी किये जाने और कभी कभी मां-बाप या रिश्तेदारों को मृत बताकर उनकी जमीन आदि बेचने के साथ ही अगर आप सक्रिय हैं तो मीडिया में आये दिन छोटे-बड़े कोलोनाईजरों द्वारा आम उपभोक्ता के साथ की जा रही धोखाधड़ी और उनसे पूरा पैसा लेकर समय से दुकान, मकान या जमीन न देने की खबरें भी अब आम हो गयी हैं।
क्योंकि संबंधित विभागों मेरठ विकास प्राधिकरण मेडा आवास विकास, नगर निगम में विराजमान संबंधित अधिकारियों की उदासीनता को देखते हुए यह धोखाधड़ी और घपलेबाजी बढ़ती ही जा रही हैं मैं यह तो नहंी कहता कि सभी ऐसे हैं लेकिन जब एक उपभोक्ता ने बताया कि उसने सड़क पर भूनी टोल स्थित श्री कुंज ग्रीन्स के नाम से कट रही कालोनी का विज्ञापन पढ़ा जिसका कल 22 मार्च को शुभारंभ होने की बात सामने आई तो उसकी यह बात चकित कर गयी कि बोर्ड पर लिखा है अप्रूव्ड कालोनी यह कहां से अप्रूव्ड है यह बताना कालोनाईजर ने जरूरी नहीं समझा क्यों नहीं समझा यह तो वही जाने लेकिन जब थोड़ी सी जानकारी की गयी तो मौखिक सूत्रों से पता चला कि ना तो इसका रेरा में रजिस्ट्रेशन है और ना ही कालोनी के बाहर कहां से अप्रूव्ड है यह और मानचित्र दोनों में ही कुछ भी प्रदर्षित नहीं किया गया।

मैं यह तो नहीं कहता कि यह भी धोखाधड़ी करेंगे लेकिन जैसा नजर आ रहा है वह तो इस ओर इंगित करता है कि कोई भी उपभोक्ता इसे खरीदने से पूर्व पूरी जानकारी करें क्योंकि मौखिक जानकारों का कहना है कि यह पूर्ण रूप से पास नहीं हैं कभी भी इसमंे सरकार की निर्माण नीति और नियमों को लागू कराने के लिए कोई भी कार्रवाई किसी भी प्रकार की हो सकती हैं।
कुछ उपभोक्ताओं का मौखिक रूप से कहना था कि कई माह पहले कोलोनाइजर ने प्रचारित किया गया था कि तमाम प्लाट बिक चुके है तो फिर अब इसकी दोबारा लांचिंग की आवश्यकता क्यों पड़ी। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि जिलाधिकारी जी एसडीएम सरधना या एडीएम देहात के माध्यम से इसकी पूरी जांच कराये जिससे उपभोक्ताओं के साथ धोखा न हो। कुछ लोगों का यह भी कहना था कि इसमें कुछ पार्टनर पहले भी अवैध निर्माण करते रहे है जिन पर सील भी लगी और कोर्ट में मामला चल रहा है लेकिन इन्होंने उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी की जा चुकी है। यह सही है कि भविष्य में जिला पंचायत से पास नक्शे हो सकते हैं जो होगा वह बाद में फिलहाल तो यह कालोनी अवैध ही नजर आती है।

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