
मेरठ, 26 फरवरी (दैनिक केसर खुशबू टाईम्स)। अवैध निर्माणों और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण एवं शासन की निर्माण नीति के विरूद्ध जाकर बनाये जा रहे भवनों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार विकास प्राधिकरणों नगर निगमों, पुलिस और स्थानीय निकायों को होने के बावजूद माननीय मुख्यमंत्री जी गरीब आदमी को तो सरकारी महकमे के कुछ अफसर उजाड़ने में लगे हैं और अवैध निर्माणकर्ताओं को दे रहे हैं अभयदान इसका जीता जागता नजारा बीते दिवस गढ़ रोड पर प्रयागराज कालोनी के ठीक सामने मैन रोड पर सरकार की निर्माण नीति के विपरीत मानचित्र पास के नाम पर हो रहे अवैध निर्माण जिसमें सरकारी व सार्वजनिक भूमि घेरे जाने की भी है चर्चा को नजर अंदाज कर गरीबों की झोंपड़ियां और रोजी रोटी के साधन उजाड़ दिये गये।
वह गलत थी तो किसी को कुछ नहीं कहना मगर सवाल यह उठता है कि इस महंगी मोटर साईकिल के बन रहे शोरूम के विरूद्ध कार्यवाही करने के बजाये उन्हें बख्सने के पीछे क्या मंशा रही यह विषय सभी जानते हैं।
मगर माननीय मुख्यमंत्री जी ऐसे निर्माणों के लिए पूरी तौर पर मेरठ विकास प्राधिकरण मेडा के अवैध निर्माण रोकने से संबंध अधिकारी आखिर कब तक कुंभकणी नींद में गोती लगाते हुए माल कमाने के स्वप्न देखते रहेंगे। क्योंकि ऐसा नहीं है तो इससे कुछ ही दूर पर स्थित शास्त्री नगर के सेंट्रल मार्किट में अवैध दुकानें तोड़ने के लिए युद्धस्तर पर कार्यवाही चल रही है लेकिन मेडा के अफसर क्यों आंखे मूंदे बैठे हैं। रॉयल इंनफिल्ड बुलेेट मोटर साईकिल के बन रहे शोरूम की ओर से।
माननीय मुख्यमंत्री जी इस रोड पर सुबह से शाम तक निरंतर जाम लगा रहता है और रात्रि को भारी वाहनों का आवागमन शुरू हो जाता है ऐसे में अगर सरकार की नीति के विपरीत जाकर मानचित्र पास के नाम पर सरकारी जमीन घेर अवैध निर्माण होते रहेंगे तो आखिर मार्गों का चौड़ीकरण होगा ही नहीं। मुख्य मार्ग भी संकरी गलियों में तब्दील हो जायेंगे। जिम्मेदार अफसर जैसा कि आये दिन मीडिया में पढ़ने सुनने और देखने को मिलता है अवैध निर्माण करायेंगे और चलते बनेंगे और इसका खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ेगा क्योंकि अवैध निर्माण तो करेंगे ही सरकारी भूमि भी घेरेंगे लेकिन गार्ड को बैठाने के लिए हट और जनरेटर सभी नियमों को नजरअंदाज किया जाता रहेगा।
