Saturday, April 18

वाराणसी के नहिया गांव में प्रवेश द्वार पर झंडा लगाने को लेकर विवाद, पत्थरबाजी में सात पुलिसकर्मी घायल, 61 पर एफआईआर

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वाराणसी 18 अप्रैल। वाराणसी के नेहिया गांव में भगवा और नीले झंडे लगाने के विवाद में जमकर बवाल हुआ। शुक्रवार को बवाल ने हिंसक रूप ले लिया। पत्थरबाजी में ACP विदुष सक्सेना, इंस्पेक्टर, दरोगा समेत 7 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने लाठी पटककर उपद्रवियों को खदेड़ा।

गोसाईपुर चौकी इंचार्ज विपिन पांडेय की तहरीर पर 11 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। अब आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। नामजद आरोपियों में औरा गांव निवासी अजीत कुमार, सिंधोरा महगांव निवासी प्रदीप कुमार, भोपापुर निवासी राजकुमार, हनुमान, नेहिया निवासी निखिल कुमार, साजन, राजन, संजीत, सूखा, सगीना, अमरजीत शामिल हैं। 50 अज्ञात में महिला और पुरुष हैं।

शनिवार सुबह भी पीएसी के साथ 5 थानों की पुलिस फोर्स तैनात है। नहिया की दलित बस्तियों में बूटों की धमक गूंज रही है। गांव में सन्नाटा पसरा है। गिरफ्तारी के डर से नहिया गांव में दलित बस्ती के ज्यादातर युवक घर छोड़कर भाग गए हैं।

पुलिस ने गांव के गेट पर सीसीटीवी लगवा दिया है। जबकि 6 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

नेहिया गांव के प्रवेश द्वार पर रामनवमी के दिन भगवा झंडा लगाया था। अंबेडकर जयंती पर भीम आर्मी और बसपा समर्थित लोगों ने भगवा झंडा हटाकर गेट पर नीला झंडा लगाया। 15 अप्रैल की रात आरोप है कि कुछ शरारती तत्वों ने नीला झंडा हटाया। सोशल मीडिया पर अफवाह फैली की नीला झंडा जलाया गया। इसके बाद दलित समुदाय के लोग लामबंद हो गए। बृहस्पतिवार को नारेबाजी कर चक्काजाम कर दिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाया। दोबारा नीला झंडा गेट पर लगा। इसको लेकर हिंदू वादी संगठन के लोगों में आक्रोश पनप गया।

हिंदू वादी संगठन ने सवा घंटे तक बाबतपुर-चौबेपुर मार्ग को जाम कर दिया। पुलिस ने दोनों संगठनों के झंडे उतरवाकर माहौल शांत कराया। देर शाम में भगवा झंडा गेट पर दोबारा लगा तो भीम आर्मी और बसपा समर्थित लोग सुबह 11 बजे नेहिया गांव के प्रवेश गेट पर विरोध प्रदर्शन करने लगे।

चोलापुर पुलिस समझाने पहुंची तो आक्रोशित भीड़ पुलिस से उलझ गई। बवाल को देख चौबेपुर, लालपुर-पांडेयपुर, सारनाथ पुलिस फोर्स पहुंची। एडीसीपी लिपि नागायच, एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना फोर्स के साथ भीड़ को गांव की तरफ भेजने और समझाने में जुटे तो पत्थरबाजी शुरू हो गई।

इस बीच विदुष सक्सेना के माथे पर एक पत्थर लगा। लहूलुहान एसीपी को साथी पुलिसकर्मियों ने संभाला। तब तक चोलापुर थाने के इंस्पेक्टर, चाैकी इंचार्ज, समेत सात पुलिसकर्मी को भी पत्थर लग गया और उन्हें फर्श पर गिरा दिया गया।

एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना, चोलापुर इंस्पेक्टर सधुवन राम गौतम, चौकी इंचार्ज विपिन पांडेय, हेड कांस्टेबल जगजीवन राम, कांस्टेबल आदित्य कुमार, चालक हेड कांस्टेबल मो. शकील अहमद, पीएसी के हेड कांस्टेबल हरेंद्र राय को चोटें आई हैं।
पुलिस को अंत में लाठियां पटककर भीड़ को खदेड़ना पड़ा।

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