Tuesday, February 17

अपहरण के दौरान बेटी को बचाने‌ आई मां पर बलकटी से हमला कर तड़पा कर मारा

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मेरठ 09 जनवरी (प्र)। सरधना विधानसभा क्षेत्र में कपसाड़ गांव में एक युवक द्वारा दलित समाज की बेटी को जबरन उठाकर ले जाते समय बीच में आई युवती की मां पर बेरहमी से बलकटी से हमला कर दिया। जिसके बाद उस महिला ने लगभग आठ घंटे बाद दम तोड़ दिया। डॉक्टर ने महिला की मौत का कारण स्पष्ट किया जिसमें कई प्वांइट मुख्य रहे।

डॉक्टर द्वारा जारी मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी पारस ने सुनीता के सिर पर एक ही जगह कई बार वार किया हुआ था। आरोपी ने जिस प्रकार से हमला किया उसमें साफ दिखता है कि उसने जान लेने के नीयत से ही यह किया था एक ही जगह पर उसने तब तक वार किया जब तक मृतक की सिर की हड्डी चकनाचूर नहीं हो गई।

डॉक्टर की रिपोर्ट के मुताबिक जब घायल महिला को मोदीपुरम के एसडीएस ग्लोबल अस्पताल में लेकर आया गया तो उस समय तक उसका काफी ब्लड लॉस हो चुका था जिस कारण शुरुआती रूप से ही उसकी जान खतरे में देखी जा रही थी।

डॉक्टर के मुताबिक मरीज का खून बहाने से वह टेबल नहीं था उसका ब्लड प्रेशर भी काफी कम था जिस कारण उसे समय उसका ऑपरेशन नहीं किया जा सकता था और उसको स्टेबल करने की कोशिश की जा रही थी हालांकि हर संभव कोशिश की गई लेकिन मरीज को नहीं बचाया जा सकता।
सुनीता अपनी बेटी रूबी के साथ सुबह करीब 8 बजे खेत जा रही थी। रास्ते में पहले से बैठे कंपाउंडर ने दोनों रोक लिया। मां और बेटी से बदतमीजी की। जब मां ने विरोध किया तो आरोपी गाली-गलौज करने लगा। तभी कंपाउंडर महिला के सिर पर फरसे से हमला कर दिया। इसके बाद आरोपी लड़की को जबरन बाइक पर बिठाकर भाग गया।

महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल सुनीता को मोदीपुरम के एसडीएस ग्लोबल हॉस्पिटल में भर्ती करवाया। उसके सिर में गहरा घाव था। डॉक्टर ऑपरेशन करने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन मौत हो गई। मौत से पहले सुनीता ने बयान दिया है। उसने कहा- चोट लगने से मैं मौके पर ही गिर गई। इसके बाद पारस राजपूत मेरी बेटी को जबरन किडनैप करके ले गया।

पारस और लड़की दोनों पहले से एक-दूसरे को अच्छी तरह से जानते हैं। पारस के परिवार में पिता, माता, दादा और दादी हैं। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा है। तीनों भाइयों की अभी शादी नहीं हुई है। घटना के बाद से आरोपी पारस के माता-पिता और दोनों भाई फरार हैं, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल सका है।

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