Monday, February 23

मणिपुर हिंसा शांत कराने वाले कर्नल चंद्रकांत शर्मा को वीरता पुरस्कार

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मेरठ 18 जनवरी (प्र)। मणिपुर में लंबे समय तक चली क्षेत्रीय हिंसा को शांत करने में अहम योगदान देने वाले मेरठ के सपूत व भारतीय सेना के कर्नल चंद्रकांत शर्मा को सेना प्रमुख ने सेना मेडल वीरता से अलंकृत किया है। सेना दिवस पर पुणे में आयोजित भव्य समारोह में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कर्नल शर्मा को वीरता, बहादुरी, सामूहिक कौशल, अदम्य साहस औनर त्वरित कार्यवाही के लिए पदक प्रदान करते हुए सेना के गौरव को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। कर्नल चंद्रकांत शर्मा सेना के 20वीं जाट बटालियन के कमान अधिकारी के तौर पर मणिपुर में विभिन्न क्षेत्रों में हुई हिंसा को शांत कराया था। उनकी यूनिट नागालैंड में तैनात थी। इससे पहले उन्होंने कश्मीर के तंगहार क्षेत्र में सेवाएं दी थी जहां आतंकियों के खिलाफ विभिन्न सफल आपरेशनों को अंजाम दिया था।

मणिपुर में हिंसा शांत करने के लिए जब कर्नल चंद्रकांत शर्मा को सेना की ओर से वहां जाने की जिम्मेदारी मिली तो उन्होंने अपनी बटालियन की एक यूनिट के साथ सूबेदार मेजर आनरेरी कैप्टन विनोद कुमार को लेकर मणिपुर पहुंचे।

मणिपुर में उन दिनों विभिन्न क्षेत्रों में हिंसक घटनाएं हो रही थी जिसे स्थानीय प्रशासन शांत नहीं कर पा रही थी। कर्नल शर्मा ने रणनीतिक सूझ- बूझ के साथ ही साहसिक आपरेशनों में अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सफल आपरेशन चलाए । सेना दिवस पर उन्होंने आनरेरी कैप्टन विनोद कुमार के साथ ही सम्मान ग्रहण किया। मेरठ में ब्लाक जानी के कुराली गांव के रहने वाले कर्नल चंद्रकांत शर्मा के छोटे भाई रवि कांत शर्मा ने बताया कि पिता विश्वबंधु शर्मा रेवेन्यू इंस्पेक्टर रहे। वहीं ददा रघुवर दयाल शर्मा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थी और महात्मा गांधी सरीखे नेताओं के साथ अंदोलनों का हिस्सा रहे ।

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