मेरठ 19 जनवरी (प्र)। गत दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो शिफ्ट में सफाई व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया था। इस क्रम में नगर निगम ने कार्ययोजना तैयार की है। शहर में करीब 119 किमी. सड़कों की सफाई अब सुबह-शाम दो शिफ्ट में होगी। इसके साथ ही खत्ते भी समाप्त होंगे। एक बार खत्ता समाप्त होने के बाद दोबारा कूड़ा डलने पर जुर्माना लगाया जाएगा। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने शहर के प्रमुख मार्गों की सफाई का ठेका छोड़ने के लिए टेंडर जारी करने का निर्देश दिया है। फरवरी से यह व्यवस्था शुरू करने का लक्ष्य है।
नगर निगम प्रमुख मार्गों का ठेका देने जा रहा है। चयनित फर्म के जिम्मे प्रमुख सड़कों की सफाई होगी। सफाई व्यवस्था के लिए फर्म को 225 स्वच्छता मित्र आउटसोर्सिंग पर लगाने होंगे। इसके अलावा मशीनों से भी सफाई की व्यवस्था बनानी होगी। प्रमुख सड़कों किनारे की नालियों, छोटे नालों की सफाई भी फर्म के जिम्मे होगी।
कार्ययोजना में शामिल हैं ये सड़कें
बेगमपुल से बच्चा पार्क चौराहा होते हुए हापुड़ अड्डा तक।
हापुड़ अड्डा से एल ब्लाक तिराहा होते हुए बिजली बंबा बाईपास चौराहे तक।
हापुड़ अड्डा से गांधी आश्रम, तेजगढ़ी चौराहा होते हुए मेडिकल कालेज काली नदी तक गढ़ रोड।
विश्वविद्यालय मार्ग, जेलचुंगी से किला परीक्षितगढ़ अब्दुल्लापुर तक।
गंगानगर डिवाइडर रोड, मवाना रोड कमिश्नरी आवास चौराहे से कसेरू बक्सर तक।
सिविल लाइंस की सभी सड़कें, सूरजकुंड स्पोर्ट्स मार्केट रोड।
बच्चा पार्क चौराहे से कचहरी होकर कमिश्नरी चौराहे तक।
वेस्टर्न कचहरी रोड, जिमखाना और बुढ़ाना गेट की सड़क।
बागपत रोड फुटबाल चौक से हाईवे तक, शारदा रोड व ट्रांसपोर्ट नगर रोड।
दिल्ली रोड बेगमपुल से परतापुर तक और रुड़की रोड।
बिजली बंबा बाईपास रोड, कंकरखेड़ा सरधना रोड।
तेजगढ़ी चौराहे से एल ब्लाक तिराहा शास्त्रीनगर तक।
सड़कों किनारे लगे हैं गंदगी के ढेर
सड़कों के किनारे कचरे के ढेर लगे रहते हैं। दिल्ली रोड, बागपत रोड, ट्रांसपोर्ट नगर, गढ़ रोड, हापुड़ रोड, मवाना रोड पर गंदगी के ढेर देखे जा सकते हैं। रोजाना मुहल्लों से प्राइवेट सफाईकर्मी और अन्य माध्यमों से कचरा सड़क किनारे डाला जा रहा है। कई-कई दिनों में उठता है। इससे सड़कें गंदगी से अटी रहती हैं।
नगर आयुक्त सौरभ गंगवार का कहना है कि दो शिफ्ट में प्रमुख मार्गों और बाजार क्षेत्रों की सफाई की व्यवस्था बनाने जा रहे हैं। सफाई ठेके पर होगी। इसके लिए फर्म के चयन के लिए टेंडर जारी करने का निर्देश स्वास्थ्य अनुभाग को दिया गया है। फरवरी से यह व्यवस्था शुरू करने का लक्ष्य है। यह व्यवस्था होने से निगम के संसाधन मुहल्लों की सफाई में रहेंगे। इससे संसाधनों की कमी दूर होने के साथ स्वच्छता भी दिखेगी। हर माह करीब एक करोड़ रुपये खर्च आएगा।
