मेरठ 19 जनवरी (प्र)। सदर बाजार थाना पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने सेना में भर्ती कराने के नाम पर युवकों से ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों मैनपुरी निवासी रोहित, कंसाला रोहतक निवासी बिजेंद्र शर्मा और जीरकपुर मोहाली, पंजाब निवासी हरजीत सिंह उर्फ करण को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने 19 युवकों से करीब 13 लाख रुपये की ठगी की है। सेना में फॉलोअर भर्ती की लिखित परीक्षा में शामिल होने के लिए गिरोह के सदस्यों ने 19 युवकों को फर्जी प्रवेश पत्र जारी कर उनसे ठगी की। रविवार को सेना भर्ती कार्यालय पर परीक्षा देने पहुंचे युवकों से फर्जी एडमिट कार्ड मिलने पर ठगी का खुलासा हुआ ।
आरोपियों से 14 फर्जी प्रवेश पत्र और सेना की मुहर बरामद हुई हैं। आरोपियों से पूछताछ कर टीम गिरोह के प्रदीप राठी, दीप हुड्डा, सतीश, धर्मेंद्र समेत सात सदस्यों की तलाश में लगी है। इस संबंध में फर्रुखाबाद जनपद के फतेहगढ़ निवासी कुमार सौरभ पांडे की ओर से सदर बाजार थाने पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। सीओ कैंट नवीना शुक्ला ने बताया कि इस मामले में दो अन्य प्राथमिकी कन्नौज के उमाकांत और अनुराग की ओर से दर्ज की गई हैं।
एसएपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के अनुसार, गत दिसंबर में सेना में भर्ती के लिए फिजिकल परीक्षा रुड़की रोड पर हुईं थी। विभिन्न पदों के लिए अब लिखित परीक्षा हो रही है। रविवार को सदर बाजार में सेना कार्यालय पर सेना में फॉलोअर पद के लिए लिखित परीक्षा कराई गई। इस दौरान कुछ युवक फर्जी एडमिट कार्ड लेकर पहुंचे। इनकी जांच करने और पूछताछ करने पर पता चला कि सेना में भर्ती कराने के नाम पर युवकों से ठगी करने वाले गिरोह ने युवकों से रुपये ऐंठ कर फर्जी प्रवेश पत्र जारी किए हैं। तुरंत एसओजी, सदर बाजार पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने कार्रवाई करते हुए इन तीनों आरोपियों रोहित, बिजेंद्र शर्मा और हरजीत सिंह उर्फ करण को गिरफ्तार किया।
इस गिरोह ने करीब 19 युवकों से करीब 13 लाख रुपये की ठगी की है। एसपी सिटी ने बताया कि पकड़े एक आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है।
गिरोह का नेटवर्क दिल्ली, यूपी, हरियाण, पंजाब तक फैला
सीओ नवीना शुक्ला ने अनुसार, इस गिरोह के नेटवर्क दिल्ली, यूपी, हरियाणा, पंजाब तक फैला है। यूपी में कानपुर, फर्रुखाबाद, मैनपुरी आदि जनपदों में गिरोह के सदस्य है। सात आरोपियों की पकड़े जाने पर बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। अन्य जनपदों की पुलिस की मदद ली जा रही है।
50 हजार से एक लाख तक लिए
सीओ के मुताबिक ठगी का शिकार अन्य लोग भी सामने आ सकते हैं। पीड़ितों से गिरोह के सदस्यों ने 50 हजार से एक लाख रुपये तक लेकर एडमिट कार्ड दिए हैं। रुपये नकद और ऑनलाइन लिए। इसकेबाद उन्हें फर्जी एडमिट कार्ड यह कह कर दिए गए कि वह फिजिकल में पास हो गए हैं। अब लिखित परीक्षा में बैठना है।
