लखनऊ 15 अप्रैल। उत्तर प्रदेश में वाहन मालिकों के लिए एक बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है। अब हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) के बिना किसी भी वाहन का प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) जारी नहीं किया जाएगा। परिवहन विभाग ने यह नियम 15 अप्रैल से प्रभावी कर दिया है, जिससे लाखों वाहन स्वामियों पर सीधा असर पड़ेगा।
किन वाहनों पर लागू होगा नया नियम
यह नियम खासतौर पर उन वाहनों पर लागू किया गया है जो अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत हैं। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में ऐसे वाहनों की संख्या दो करोड़ से अधिक है।
1 अप्रैल 2019 के बाद खरीदे गए सभी नए वाहनों में HSRP पहले से ही अनिवार्य रूप से लगी होती है, इसलिए उन पर इस नियम का असर नहीं पड़ेगा।
परिवहन विभाग ने PUC (Pollution Under Control) पोर्टल में तकनीकी बदलाव किए हैं। अब यदि किसी वाहन पर HSRP नहीं लगी है, तो सिस्टम उसका डेटा स्वीकार नहीं करेगा और उसका प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी नहीं होगा।
एआरटीओ प्रशासन अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्र सरकार के नियमों के तहत एचएसआरपी सुरक्षा के लिए जरूरी है। इससे वाहनों की पहचान आसान होती है और अपराध या संदिग्ध गतिविधियों में प्रयुक्त वाहनों की निगरानी में मदद मिलती है।
उन्होंने बताया कि यदि किसी वाहन का पीयूसी समाप्त हो जाता है और उस पर एचएसआरपी नहीं है, तो पीयूसी जारी नहीं होगा। नियम उल्लंघन पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना और बिना एचएसआरपी वाहन संचालन पर पांच हजार रुपये तक का दंड निर्धारित है।
परिवहन विभाग की ओर से पहले ही वाहन स्वामियों को HSRP लगवाने के लिए कई बार चेतावनी दी जा चुकी है। इसके बावजूद कई लोग अब तक इसे नजरअंदाज कर रहे थे, जिसे देखते हुए अब सख्ती बढ़ा दी गई है।
कुछ वाहनों को मिली अस्थायी राहत
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन वाहन मॉडलों के लिए अभी HSRP उपलब्ध नहीं है, उन्हें फिलहाल अस्थायी छूट दी गई है। जैसे ही प्लेट उपलब्ध होगी, उन्हें भी इसे लगवाना अनिवार्य होगा।
