Monday, January 26

कपसाड़ हत्या-अपहरण कांड़ः रूबी बोली, दो घंटे जंगल में बंधक बनाकर रखा

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मेरठ 13 जनवरी (प्र)। आशा ज्योति केंद्र में हुई काउंसिलिंग के दौरान रूबी ने कई खुलासे किए। उसने बताया कि वह मां की मौत के बाद खौफ और सदमे में आ गई थी। आरोपी ने उसे मारने की धमकी दी। रूबी ने बताया कि मां की हत्या करने के बाद उसे दो घंटे कपसाड़ के बाहर जंगल में बंधक बनाकर रखा गया था। यहां से मौका मिलने के बाद आरोपी उसे पैदल साथ ले गया था। दो बार काउंसिलिंग के बाद रूबी की शाम करीब 5.30 बजे परिजनों से मुलाकात कराई गई।

सरधना के कपसाड़ गांव में आठ जनवरी की सुबह खेत पर जाते वक्त आरोपी ने रूबी और उसकी मां सुनीता पर हमला किया। फरसे से हमला कर सुनीता की हत्या कर दी और रूबी का अपहरण कर लिया। रूबी को शनिवार को पुलिस ने हरिद्वार से बरामद किया और रविवार को कोर्ट के समक्ष पेश किया। कोर्ट में रूबी ने आरोपी के खिलाफ बयान दिए और मां की हत्या, अपने अपहरण का आरोप लगाया। कोर्ट ने रूबी को आशा ज्योति केंद्र भेजने और काउंसिलिंग कराने का आदेश दिया था। इसके बाद मेडिकल में वन-स्टॉप सेंटर आशा ज्योति केंद्र में रूबी को भेजा गया।

आशा ज्योति केंद्र में रूबी की सोमवार को काउंसिलिंग कराई गई। रूबी ने मां सुनीता की हत्या और अपने अपहरण की पूरी कहानी बताई। रूबी ने बताया जब वह मां के साथ खेत जा रही थी तो पीछे से रास्ते में आरोपी ने नाम लेकर रोका।

आरोपी शॉल लपेटकर आया था। इसके बाद आरोपी ने गाली गलौज कर धमकी दी। रूबी ने बताया कि उसकी मां ने विरोध किया और आरोपी को कहा कि पीछे हट। इस पर आरोपी ने शॉल में छिपाया हुआ फरसा निकाल कर सुनीता के सिर पर दे मारा। रूबी ने बताया कि वह मां को बचाने के लिए दौड़ी और उन्हें गोद में उठाने का प्रयास किया। इस दौरान आरोपी ने तमंचा दिखाया और साथ चलने को कहा। आरोपी ने कहा साथ चल, वरना मार डालूंगा।

रूबी ने बताया कि उसे लेकर आरोपी पहले तो गांव के बाहर की ओर ठेके के पीछे जंगल में गया। यहां दो घंटे उसे बंधक बनाकर रखा। दो घंटे बाद उसे पैदल कुछ दूर लेकर गया और ट्रक में लिफ्ट ली। बताया इसके बाद वह खतौली पहुंचे और वहां से दिल्ली गए। रूबी ने बताया मां की मौत के बाद वह सदमे में आ गई और उसे डर लग रहा था। इसी कारण दिमाग काम नहीं कर रहा था और किसी से कोई मदद नहीं मांग पाई।

परिजनों से कराई मुलाकात
रूबी की काउंसिलिंग के लिए सोमवार को व्यवस्था कराई गई। इस दौरान सीओ कैंट नवीना शुक्ला और जिला प्रोबेशन अधिकारी भी साथ में रही। शाम करीब 5.30 बजे रूबी के परिजनों की भी मुलाकात कराई गई। करीब पौना घंटा रूबी और परिजनों की बातचीत होती रही। इस दौरान आशा ज्योति केंद्र के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी को टीम के साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी।

परिवार ने लिखित में युवती की सुरक्षा का जिम्मा लिया है। साथ ही नामजद आरोपित सुनील सोम को क्लीनचिट देकर थाने से छोड़ दिया गया। मुख्य आरोपित पारस सोम का परिवार उसे नाबालिग बता रहा है।
मंगलवार को किशोर न्यायालय में उसके नाबालिग होने के प्रमाण पेश कर अर्जी लगाई जाएगी। ताकि जिला जेल से उसे बाल सुधार गृह में शिफ्ट किया जाए।

एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर युवती को उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया है। गांव में एहतियातन पुलिस फोर्स लगाया गया है। कुछ शरारती तत्व माहौल खराब कर सकते हैं। इसे देखते हुए निगरानी की जा रही है। सुरक्षा व शांति व्यवस्था को देखते हुए बाहरी व्यक्तियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

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