Monday, January 26

भूड़बराल-मोदीपुरम बस अड्डों की जमीन के अवार्ड तैयार, भुगतान जल्द

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मेरठ 30 दिसंबर (प्र)। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए भैंसाली बस अड्डे को शहर के बाहर भूड़वराल और मोदीपुरम में स्थानांतरित करने के लिए भूमि का इंतजाम लगभग हो गया है। दोनों स्थानों पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। अधिग्रहण की जाने वाली भूमि के अवार्ड तैयार कर लिए गए हैं। अब भूमि मालिकों से मालिकाना हक के दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। इन दस्तावेजों के सत्यापन के बाद मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया जाएगा कब्जा लेने के बाद बस अड्डा निर्माण के लिए एनसीआरटीसी को जमीन सौंपी जाएगी।

रोडवेज के भैंसाली बस अड्डे से दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान समेत कई राज्यों और आसपास के विभिन्न जनपदों के लिए बसों का संचालन किया जाता है। इन सभी राज्यों और जनपदों की बसें भी यहां आती हैं। यहां रोजाना 400 से ज्यादा बसें पहुंचती हैं। जिससे शहर में जाम की समस्या पैदा होती है। उनके धुएं से प्रदूषण भी होता है। नागरिकों को इस समस्या से बचाने के लिए इस बस अड्डे को शहर के बाहर स्थानांतरित किया जाना है। इसे दो भागों में विभाजित करके भूड़बराल और मोदीपुरम में नए बस अड्डों का निर्माण कराया जाना है। लगभग तीन साल पहले बनी इस योजना के लिए दोनों स्थानों पर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। चूंकि भैंसाली बस अड्डा और उसकी वर्कशाप की जमीन को रैपिड और मेट्रो रेल के स्टेशन निर्माण के लिए एनसीआरटीसी को दे दिया गया है। लिहाजा दोनों नए बस अड्डों का निर्माण कराने की जिम्मेदारी एनसीआरटीसी के कंधों पर है।

अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी मुआवजा जल्द मिलेगा दोनों स्थानों पर नए बस अड्डों के निर्माण के लिए चार गांवों की कुल 39,930 वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। जिला प्रशासन की माने तो भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। भूमि के अवार्ड तैयार हो गए हैं। अब केवल भूमि मालिकों के मालिकाना हक के दस्तावेजों का सत्यापन शेष है। सत्यापन के साथ ही मुआवजा राशि उनके खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी। दावा है कि इस प्रक्रिया में सात दिन का समय लगेगा। दोनों स्थानों पर कुल 79 भूमि मालिक हैं।

इन गांवों की भूमि का हुआ अधिग्रहण
भूडबराल
पल्हैड़ा
सिवाया
दुल्हैड़ा

जिलाधिकारी डा. वीके सिंह का कहना है कि बस अड्डों के लिए अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी हो गई है। कुछ औपचारिकता बची है, जिसे सात दिन में पूरा करके भूमि मालिकों को मुआवजा राशि दे दी जाएगी। इसी के साथ जमीन पर कब्जा लेकर एनसीआरटीसी को बस अड्डों के निर्माण के लिए सौंप दी जाएगी।

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