Monday, January 26

कपसाड़ में शांति बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती, सियासत के बीच पसरा तनाव, कई नेता नजरबंद

Pinterest LinkedIn Tumblr +

मेरठ, 12 जनवरी (प्र)। अनुसूचित जाति की युवती रूबी के अपहरण और उसकी मां सुनीता की निर्मम हत्या ने न सिर्फ मेरठ, बल्कि पूरे सूबे की सियासत में भूचाल ला दिया है। हालात यह हैं कि कपसाड़ गांव से लेकर सरधना तहसील तक का इलाका पूरी तरह सील कर दिया गया है। जिधर देखो, उधर बैरिकेडिंग और पुलिस का पहरा है। गांव में अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल है। बाहरी लोगों का प्रवेश तो दूर अब पड़ोसी भी नजरबंद कर दिए गए हैं।

सरधना थानाक्षेत्र के कपसाड़ गांव की घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो ने के बाद प्रशासन पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि गांव में शांति बनाए रखना पुलिस-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता पीड़ित परिवार से मिलने की घोषणा कर रहे हैं, जबकि पुलिस प्रशासन ने किसी भी बाहरी व्यक्ति के गांव में प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा रखी है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई राजनीतिक दल पीड़ित परिवार के दर्द को राजनीतिक मंच पर भुनाने में लगे हैं। किसी ने सहायता राशि की घोषणा की, तो किसी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर सरकार और प्रशासन को घेरा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि राजनीतिक दल वास्तव में पीड़ित परिवार के साथ हैं, तो उन्हें सिर्फ बयानबाजी और फोटो खिंचवाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और गांव में स्थायी शांति बहाली के लिए ठोस प्रयास करने चाहिए।

पुलिस ने नेताओं को घर में नजरबंद किया
कपसाड़ गांव आने की तैयारी कर रहे नेताओं की बागपत पुलिस ने रात में ही घेराबंदी कर ली। पुलिस ने रात को ही सपा जिलाध्यक्ष रविंद्र यादव, आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष ओमवीर सिंह को पुलिस ने घर में नजरबंद कर लिया। बसपा जिलाध्यक्ष विक्रम भाटी से भी पूछताछ कर पुलिसकर्मी वापस लौट गए। घर में नजरबंद किए गए सपा जिलाध्यक्ष रविंद्र यादव ने कहा कि घटना में आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप लगाया कि विपक्ष को पीड़ितों की आवाज उठाने से रोकने के लिए तानाशाही दिखाई जा रही है।
कपसाड़ प्रकरण को लेकर पुलिसकर्मी पिलाना गांव में कांग्रेस जिलाध्यक्ष लव कश्यप के घर पहुंचे लेकिन लव कश्यप बाहर होने के कारण नहीं मिले। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने फोन पर जिलाध्यक्ष से बात की और फिर वापस चले गए।

Share.

About Author

Leave A Reply