मेरठ 06 अप्रैल (प्र)। शनिवार रात अचानक सीने में दर्द के कारण मौलाना अब्दुल्ला मुगैसी (92) का मेरठ के विवान अस्पताल में इंतेकाल हो गया था। जिससे पूरा क्षेत्र, इस्लामी जगत और उनके शुभचिंतक शोक में डूब गए। देररात जनाजा अजराड़ा पहुंचने पर आखरी दीदार के लिए शुरू हुआ लोगों के आने का सिलसिला रविवार को उनके दफीने तक भारी हुजूम में तब्दील हो गया। आलम ये था कि जनाजे के पीछे पैदल चल रही अप्रत्याशित भीड़ से अजराड़े के तमाम रास्ते, गलियों में जाम जैसे हालात बने रहे। अपराह्न 3:30 बजे अजराड़ा मदरसे के संस्थापक हाफिज मुहम्मद हुसैन की कब्र के पास मौलाना मुगैसी को सुपुर्दे खाक किया गया। मौलाना अब्दुल्ला की नमाजे जनाजा उनके बेटे अजराड़ा मदरसे के नवनियुक्त मोहतमिम मौलाना अब्दुल मालिक मुगैसी ने पढ़ाई। उन्होंने बताया कि उनके वालिद का दफीना पैतृक गांव सहारनपुर के बेहट अंतर्गत घघरौली में होना तय था मगर स्थानीय लोगों के कहने पर अजराड़ा में कर दिया गया। मौलाना के तीन बेटे, पांच बेटियों का भरा पूरा परिवार है।
मौलाना अब्दुल्ला मुगैसी इस्लामिक विद्वान होने के साथ सादगी और भाईचारे के पक्षधर थे। उन्होंने पूरी जिंदगी इल्म सिखाने, समाज, मिल्लत की सेवा में गुजारी उनके बयान और तकरीरें हमेशा मुल्क में अमनों अमान का संदेश देती थीं। उनके दफीने में दारुल उलूम देवबंद से मौलाना राशिद, मौलाना सलमान, मौलाना यामीन, हापुड़ से कारी मकसूद, कारी शौकत बैठ किठौर विधायक शाहिद मंजूर, पूर्व राज्यसभा सांसद मुनकाद अली, पूर्व सांसद कादिर राणा, विधायक कमाल अख्तर, पूर्व विधायक योगेश वर्मा, पूर्व विधायक असलम चौधरी, किठौर चेयरपर्सन पति सलमान मुनकाद आतिर आरिफ आदि रहे।
पार्टी प्रमुखों ने जताया दुख
मौलाना अब्दुल्ला मुगैसी के इंतकाल पर बसपा सुप्रीमों मायावती, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अजवराय, एआईएमआईएम प्रदेशाध्यक्ष शौकत अली, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, सपा सांसद इकरा हसन ने शोक संवेदना व्यक्त कर इसे समाज और इस्लामी जगत की अपूर्णीय क्षति बताई।
