मेरठ 02 मार्च (प्र)। नमो भारत और मेरठ मेट्रो से यात्रा के दौरान किसी स्थिति में दरवाजा न खुले तो घबराएं नहीं। कभी- कभार सिग्नल या अन्य किसी तकनीकी समस्या से यदि ऐसा होता है तो आप अगले स्टेशन पर उतरकर वापस आ सकते हैं। या फिर कोई समस्या है तो आपातकालीन बटन दबा सकते हैं। फौरन मदद मिलेगी। शुक्रवार को एमईएस कालोनी स्टेशन पर लगभग 10 मिनट के लिए तकनीकी समस्या के कारण मेट्रो के दरवाजे नहीं खुल पाए थे। हालांकि, कुछ ही मिनटों में समस्या का समाधान कर लिया गया था। कभी ऐसी स्थिति हो तो यात्री हंगामा या अफवाह फैलाने से बचें। प्रत्येक स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी या आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो यात्री कोच में लगे इमरजेंसी बटन को दबाकर तुरंत सूचना दे सकते हैं। सूचना मिलते ही अगले स्टेशन पर टीम द्वारा यात्री को सहायता प्रदान की जाएगी।
इन नियमों पर दें ध्यान
- यदि यात्री टिकट लेकर क्यूआर कोड स्कैन करके प्रवेश कर लेते हैं, लेकिन किसी कारणवश अगे जाने की योजना रद हो जाती है। और उसी स्टेशन से वापस लौटना पड़ रहा है। इस स्थिति में यह कार्य 20 मिनट के भीतर पूरा करना होगा। यात्री उस निकास गेट से बाहर आ जाएं, जहां क्यूआर कोड स्कैन करना होता है। यदि 20 मिनट से अधिक समय अंदर बिताया गया तो प्रति घंटे के हिसाब से 60 रुपये का जुर्माना लगेगा।
- यदि आपने किसी भी स्टेशन से प्रवेश लिया है, तो आपको अपनी यात्रा 180 मिनट के भीतर पूरी करनी होगी। अन्यथा 60 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से जुर्माना लगेगा। उदाहरण के लिए, यदि आप मोदीपुरम से सराय काले खां जाते हैं तो लगभग 64 मिनट में यात्रा पूरी हो जाएगी। किसी स्टेशन पर उतरकर फिर से बैटने या ट्रेन की प्रतीक्षा करने आदि को मिला लें, तब भी 20-30 मिनट अतिरिक्त लग सकते हैं, फिर भी 180 मिनट की छूट दी जा रही है।
