मेरठ 01 जनवरी (दैनिक केसर खुशबू टाइम्स)। वैसे तो हर बार नया साल कोई ना कोई खुशी और नई बात लेकर आता है और हर कोई अपने अपने हिसाब से मनाता है नया साल। लेकिन इस बार नये साल की छठा ही निराली है। भयंकर सर्दी और कोहरे की चादर के बीच नये साल की हुई शुरूआत में एक नया ही रंग देखने को मिला। पूर्व वर्षों में भी इस मौके पर शुरूआत ज्यादातर नागरिकों द्वारा अपने अपने हिसाब से पूजा पाठ आदि के साथ की जाती थी तो बीते वर्ष की विदाई भी हर कोई अपने हिसाब से जश्न मनाकर करता था। इस बार भी होटलों में विशेष आयोजन हुए तो सामाजिक संस्थाओं ने भी कार्यक्रम कर नव वर्ष को विदाई दी तथा धार्मिक जनों ने मंदिरों में पूजा पाठ कर कूल्लू न मनाली भगवान हम तो तेरे घर में मनायेंगे नया साल जैसे भजनों के साथ विदाई और स्वागत के कार्यक्रम हुए। तो मीडिया के विभिन्न माध्यमों से जो जानकारियां प्राप्त हो रही है उसके हिसाब से गांव देहातों आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब अमीर सबके द्वारा इस बार पूजा पाठ कर नये साल का स्वागत किये जाने की बात सामने आई है। तो शहरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों वाराणसी इलाहाबाद मथुरा वृंदावन हरिद्वार आदि सहित देश के सभी धार्मिक व ऐतिहासिक महानगरों के साथ ही उत्तरी भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम की पृष्ठ भूमि से जुड़े काली पलटन औघड़नाथ मंदिर में प्रातकाल से ही श्रद्धालुओं की जो भीड लगनी शुरू हुई वो कम होने की बजाए बढ़ती ही जा रही थी। भक्तों के जमावड़े को देखकर जन्माष्टमी व शिवरात्रि पर्व की याद ताजा हो रही थी क्योंकि इन अवसरों पर जैसे भीड लगती है आज भी भक्तों की लगी लाईन टूट नहीं रही थी।
इसके अलावा अन्नपूर्णा मंदिर बालाजी मंदिर हनुमान चौक सहित शहर के छोटे बड़े सभी धार्मिक स्थलों पर पूजा करने वालों का आवागमन बना हुआ था। नये साल के स्वागत में अनेकों सामाजिक धार्मिक आदि सहित सभी संस्थाओं ने जगह जगह भंडारे के आयोजन किए। शाकुंभरी मंदिर वेस्ट एण्ड रोड हनुमान चौक सहित मंदिरों में प्रसाद लेने के लिए भक्तों की भीड लगी दिखाई दी। अन्य मंदिरों में भी प्रसाद वितरण हो रहा था। कुल मिलाकर यह कह सकते है कि इस बार नागरिकों में नव वर्ष स्वागत के प्रति अपूर्व उत्साह व्याप्त है। और भगवान का पूजा पाठ कर इन खुशियों को पूरे साल बनाये रखने का यह प्रयास भी अच्छा है। इतने धार्मिक माहौल में जो यह शुरूआत हुई तो यह कह सकते है कि नव वर्ष सभी के लिए भक्तों की पूजा पाठ के चलते खुशहाली और प्रेम का संदेश भाईचारा और सद्भाव को मजबूत करने वाला होगा।
