नई दिल्ली 27 अगस्त। OpenAI ने भारत में लर्निंग एक्सेलरेटर प्रोग्राम की शुरुआत की है। भारत इस पहल की मेजबानी करने वाला पहला देश बना है। इस प्रोग्राम का उद्देश्य शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है, खासतौर पर भारतीय पाठ्यक्रम और स्थानीय भाषाओं पर फोकस करते हुए।
OpenAI की वाइस प्रेसिडेंट (एजुकेशन) लिया बेल्स्की ने बताया कि ChatGPT का नया स्टडी मोड भारतीय पाठ्यक्रम के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले जवाब देने के लिए डिजाइन किया गया है। उन्होंने कहा, “आने वाले समय में हमारे मॉडल भारतीय छात्रों के साथ उनकी भाषाओं और शिक्षण संदर्भों में अधिक प्रभावी ढंग से संवाद करेंगे।”
इस पहल के तहत OpenAI ने IIT मद्रास के साथ 5 लाख डॉलर की फंडिंग वाली रिसर्च पार्टनरशिप की है। इसमें लंबी अवधि के अध्ययन होंगे, जिनका फोकस रहेगा कि कैसे AI सीखने के परिणामों में सुधार ला सकता है, इनोवेटिव टीचिंग को सपोर्ट कर सकता है और कॉग्निटिव न्यूरोसाइंस की जानकारियों को शिक्षा में लागू कर सकता है।
OpenAI अगले छह महीनों में शिक्षकों और छात्रों के लिए करीब 5 लाख मुफ्त ChatGPT अकाउंट बांटेगा। साथ ही, यह प्रोग्राम CBSE समेत राज्य सरकारों और शिक्षा बोर्डों को परीक्षाओं, असाइनमेंट और कक्षाओं में AI-आधारित लर्निंग को एकीकृत करने में मदद करेगा।
एशिया-पैसिफिक हेड राजीव आर. गुप्ता ने कहा, “हम मानते हैं कि AI शिक्षा को बदलने की क्षमता रखता है। यह संसाधनों और गुणवत्ता की खाई को पाटकर भारत के 30 करोड़ से ज्यादा छात्रों तक विश्वस्तरीय शिक्षा पहुंचा सकता है।”
इसके अलावा, यह प्रोग्राम शिक्षकों को AI टूल्स इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग भी देगा, ताकि वे पाठों को व्यक्तिगत बना सकें, प्रशासनिक काम ऑटोमेट कर सकें और कक्षा शिक्षण को और प्रभावी बना सकें।