मेरठ, 21 मार्च (दैनिक केसर खुशबू टाईम्स)। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) ने नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत वसूली जा रही प्रोजेक्ट फीस में भारी कटौती कर दी है। यह फैसला छात्रों के लंबे संघर्ष और दबाव के बाद लिया गया है। इस निर्णय से विवि से संबद्ध कॉलेजों पढ़ने वाले स्नातक (यूजी) और परास्नातक (पीजी) के लाखों छात्र-छात्राओं को राहत मिलेगी।
पूर्व छात्र संघ महामंत्री अंकित अधाना ने यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय सहारनपुर का उदाहरण दिया। छात्रों का तर्क था कि पड़ोसी विश्वविद्यालय में फीस कम हो सकती है तो सीसीएसयू क्यों छात्रों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है। छात्रों के निरंतर प्रयासों से विवि की वित्त समिति ने प्रस्ताव को मंजूरी दी।
समिति ने गहन विचार-विमर्श के बाद फीस को मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय बराबर करने का फैसला किया। अब स्नातक छात्रों को सिर्फ 800 रुपये जमा करने होंगे। परास्नातक छात्रों को 1000 रुपये देने होंगे। पहले स्नातक स्तर पर 1390 रुपये प्रोजेक्ट फीस ली जाती थी। परास्नातक स्तर पर यह 1520 रुपये थी। लेकिन अब फीस में की गई कटौती से छात्रों को सीधी आर्थिक राहत मिलेगी।
छात्रों की प्रोजेक्ट फीस में विरोध के बाद की कटौती
Share.
