मेरठ 09 जनवरी (प्र)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत मैदानी इलाकों में शीतलहर और सर्द हवाओं का दौर लगातार जारी है। कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शुक्रवार सुबह होते ही मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में घना कोहरा छा गया, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई और जनजीवन प्रभावित हुआ। सुबह और शाम चल रही बर्फीली हवाओं ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है। हालांकि गुरूवार को दिन में धूप निकलने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी जरूर हुई, लेकिन रात की ठंड अभी भी बरकरार है। आने वाले एक सप्ताह तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है।
शुक्रवार सुबह घने कोहरे के कारण दिल्ली–देहरादून हाईवे समेत प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए और चालकों को दिन में भी हेडलाइट का सहारा लेना पड़ा। सुबह की ठंड और कोहरे ने स्कूली बच्चों, दफ्तर जाने वाले लोगों और राहगीरों की परेशानी बढ़ा दी।
दिसंबर के बाद जनवरी माह में भी ठंड का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। जनवरी के पहले सप्ताह में जहां दिन का तापमान सामान्य से नीचे बना रहा, वहीं दूसरे सप्ताह में भी शीतलहर का असर जारी है ठंडी हवाओं और गलन के कारण हाथ- पैर सुन्न हो रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि घर के अंदर भी ठंड से पूरी राहत नहीं मिल पा रही है। बृहस्पतिवार की सुबह कोहरा जंगल और खुले क्षेत्रों तक ही सीमित रहा, लेकिन मौसम सर्द बना रहा। तेज हवाओं ने ठंड की तीखापन और बढ़ा दिया। खुले में निकलना मुश्किल हो गया है। बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। ठंड के चलते बाजारों में भी रौनक कम नजर आ रही है।
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम के अनुसार इस समय कोल्ड वेव की तीव्रता अधिक है।
