Friday, August 29

सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोत्तरी जिम्मेदारों की लापरवाही का है परिणाम, सुविधा देते नहीं, चालान काटने में लगे रहते हैं, जनमानस से वार्ता कर कट की नीति नहीं करते तैयार ?

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वर्तमान समय में सड़क हादसों को रोकने के लिए यातायात पुलिस और परिवहन विभाग खूब अभियान चला रहे हैं। सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है और चालान भी काटे जा रहे हैं। फिर भी यूपी में सड़क हादसों में मरने वालों की 18 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हो गई है। इस बारे में एक खबर के अनुसार प्रदेश में जनवरी से जून माह तक सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या 18 घ्फीसदी से अधिक बढ़ गई है। इस अवधि में हादसों में मरने वालों की संख्या 14,205 हो गई है। इसे अप्रत्याशित वृद्धि माना गया है।
परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने प्रदेश के यातायात निदेशालय की रिपोर्ट के आधार पर जनवरी से जून-2025 की रिपोर्ट जारी की है। कमिश्नर, डीएम, एसएसपी और परिवहन अधिकारियों को यह रिपोर्ट जारी की गई है। बताया गया है कि वर्ष-2024 के मुकाबले 2025 में जनवरी से जून माह के बीच प्रदेश के 65 जिलों में सड़क हादसों में 15.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस अवधि में 2024 में 22,391 तो इस साल यह संख्या 25,830 हो गई। 2024 में इस अवधि में 12,043 लोगों की मौत हुई। इस वर्ष 14,205 हुई। मृतक संख्या में 2162 की वृद्धि हुई। परिवहन आयुक्त ने डीएम, एसएसपी व परिवहन अफसरों को कार्रवाई के लिए कहा है।
मेरठ में भी हादसे बढ़े
वेस्ट यूपी के जिलों में मेरठ में 10.5, सहारनपुर में 20.3, मुजफ्फरनगर में 23.2 और बुलंदशहर में 15.2 प्रतिशत सड़क हादसे बढ़ गए हैं। बिजनौर जिले में सड़क हादसों में 4.1, अमरोहा में 7.0, शामली में 1.5 प्रतिशत हादसे कम हुए हैं। बागपत जिला ऐसा है, जहां हादसे पिछले वर्ष के मुकाबले बराबर रहे। बागपत जिले में 2024 में जनवरी से जून में 188 हादसे हुए थे। इस साल इसी अवधि में 189 हादसे हुए। मृतकों की संख्या 95 से घटकर 90 हो गई है।
65 जिलों में बढ़े हैं हादसे
परिवहन आयुक्त की रिपोर्ट के अनुसार चित्रकूट, भदोही, रायबरेली, मिर्जापुर, सोनभद्र, संभल आदि में 20 प्रतिशत से अधिक हादसे बढ़े हैं। वैसे हादसों की संख्या में वृद्धि प्रदेश के 65 जिलों में हुई है। चित्रकूट में 100 प्रतिशत, रायबरेली में 58.9 प्रतिशत, भदोही में 80.3 प्रतिशत, सोनभद्र में 53.5 प्रतिशत, मैनपुरी में 34.5 प्रतिशत, वाराणसी में 25.4 प्रतिशत, संभल में 31.5 प्रतिशत, श्रावस्ती में 35.6 प्रतिशत हादसे में वृद्धि हुई है।
इतना होने के बाद सड़क हादसों में बढ़ोत्तरी चिंता का विषय है जिस पर सभी को सोचना होगा। पिछले दस साल में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और यूपी के सीएम योगी गडढामुक्त सड़क उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दे रहे हैं लेकिन टूटी सड़कें कम होने की बजाय बढ़ती जा रही है। थोड़ी सी बारिश में सड़कों पर पानी भर जाता है। अधिकारियों द्वारा दिल्ली की तर्ज पर सुविधा तो उपलब्ध नहीं कराई जाती लेकिन एक दो किमी दूर जाकर कट बनाए गए हैं जिनके चलते यात्री गलत रास्ता अपनाते हैं। यह मुझे लगता है कि हादसों के बढ़ने का मुख्य कारण है। अधिकारी हेलमेट ना पहनने पर जुर्माना तो कर रहे हैं लेकिन जुगाड़ वाहन सड़कों पर सरिया गाटर लेकर घूमते हैं ओवरलोड वाहन चल रहे हैं इन्हें रोककर कार्रवाई नहीं की जाती बस कार और बाइक सवारों का उत्पीड़न किया जाता है। मेरी निगाह में इसलिए सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। बुलंदशहर के एक किसान नरेंद्र सिरोही द्वारा सड़क तो समतल करने के प्रयास किए जा रहे सरकार ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करे।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

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