Monday, January 26

देश के इतिहास में जाट समाज का गौरवशाली योगदान : प्रो. दहिया

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मेरठ 05 जनवरी (प्र)। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में रविवार को पुरातन जाट छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें विश्वविद्यालय परिसर से पढ़ाई कर चुके पूर्व छात्र-छात्राओं ने अनुभव साझा किए। विशिष्ट वक्ता चौधरी चरण सिंह राजकीय कॉलेज छपरौली के प्राचार्य प्रो. प्रतीत सिंह दहिया ने कहा कि जाट समाज के गोत्र सर्व जातियों से मेल खाते हैं। समाज का भारत के इतिहास में गौरवशाली योगदान रहा है। उन्होंने जाट समाज से अपने गौरवशाली इतिहास के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व छात्र डॉ. मनोज सिवाच, उपाध्यक्ष डॉ. नीलम पंवार एवं विशिष्ट अतिथि डिप्टी कमिश्नर जीएसटी डॉ. सूरजपाल सिंह ने किया।

विशिष्ट अतिथि डॉ. सूरजपाल सिंह ने कहा कि सभी पूर्व छात्रों से एकजुट होने का आहवान किया।
के छात्र हमेशा निर्भीक होकर कुछ नया करना चाहते हैं। सभी पूर्व छात्रों ने चौधरी चरण सिंह के व्यक्तित्व से प्रेरणा पाकर समाज के संजीव डबास ने कहा कि विश्वविद्यालय निर्माण में रचनात्मक योगदान दिया है। डॉ. अजीत देशवाल ने छात्र जीवन के मनोरंजक किस्से एवं अनुभव साझा किए।
संचालन डॉ. दीपक कुमार एवं डॉ. अमृता ने किया। इस अवसर पर डॉ. पंकज कालखंडे, डॉ. सचिन ढाका, डॉ. विजय पंवार, डॉ. योगिंदर मलिक, डॉ. सोरन सिंह डॉ. हरेंद्र मालिक, डॉ. राधेश्याम तोमर आदि उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालय ने हमें बोलना सिखाया : उज्ज्वल
पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने कहा कि विश्वविद्यालय ने हमें चलना और बोलना सिखाया है। पूर्व छात्र डॉ. रवि नैन ने छात्र जीवन के मनोरंजक किस्से सुनाए गए। डॉ. कुलदीप चौधरी ने कहा कि पूर्वजों से मिली विरासत को हमें अगली पीढ़ी को सौंपना है। सम्मेलन में पूर्व छात्र डॉ. हरेंद्र मलिक, डॉ. सुधीर मलिक, डॉ. रविंद्र राणा, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. दीपा पंवार, डॉ. देवेंद्र खोखर, डॉ. नेमपाल राठी ने विचार रखें।

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