मेरठ 17 दिसंबर (प्र)। नमो भारत ट्रेन आखिर मोदीपुरम से सराय काले खां तक यानी पूरे कारिडोर पर यात्रियों के लिए कब दौड़ेगी। यह सवाल मेरठ ही नहीं आसपास शहरों के लोग भी पूछ रहे हैं। ऐसा ही सवाल मंगलवार को राज्यसभा में डा. लक्ष्मीकान्त बाजपेयी ने किया। वह भाजपा की ओर से राज्यसभा में मुख्य सचेतक भी हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर 82 किलोमीटर लंबी दिल्ली-गाजियाबाद मेरठ आरआरटीएस कारिडोर तैयार किया गया है। इसके 56 किमी हिस्से पर यात्रियों के लिए ट्रेन संचालन जारी है लेकिन बाकी बचे हुए हिस्से पर दिन में चार बार खाली ट्रेन आती और जाती है। उन्होंने सभापति को जानकारी दी कि ट्रायल पूरा हो चुका है, स्टेशन बन चुके हैं लेकिन बचा हुआ हिस्सा चालू नहीं हो पा रहा है। कहा कि लाखों लोग प्रतीक्षा में हैं इसके परिणाम से जहां समय बचेगा वहीं मेरठ महानगर को जाम की समस्या से निजात मिलेगी। गौरतलब है कि वर्तमान में मेरठ साउथ स्टेशन से न्यू अशोक नगर तक यात्रियों के लिए ट्रेन सेवा जारी है।
बिजौली में एमएमएसई के लिए रखे जाएं छोटे प्लाट
गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे बिजौली में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाना है। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एमएसएमई के लिए प्लाट नहीं रखे गए हैं। मेरठ एमएसएमई का प्रमुख शहर है, इसलिए उद्यमी यहां पर छोटे प्लाट भी रखने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय मांग व भविष्य में आने वाली समस्या को देखते हुए डा. लक्ष्मीकान्त बाजपेयी ने राज्यसभा में सभापति को जानकारी दी कि यहां पर पांच हजार वर्ग मीटर के 10 प्लाट, 20 हजार वर्ग मीटर के 26 प्लाट, 33400 वर्ग मीटर के 24 प्लाट और 2.51 लाख वर्ग मीटर के 22 प्लाट हैं। इस स्थिति में यहां पर लोग बड़े क्षेत्रफल का प्लाट लेंगे और सबप्लाटिंग करेंगे। इससे एमएसएमई सेक्टर का शोषण होगा। उन्होंने मांग रखी कि सरकार प्लाट को छोटा करके सीधे एमएसएमई को सरकारी नियमों के अधीन दे ताकि एमएसएमई सेक्टर को शोषण से बचाया जा सके। यदि यूपीईडा द्वारा निर्धारित क्षेत्रफल के आधार पर ही प्लाट बेचे जाएंगे तो एमएसएमई को इस औद्योगिक क्षेत्र से लाभ नहीं मिलने वाला।
