Friday, August 29

घमंड का शमन करने पर ही मार्दव धर्म का पालन होता है- पंडित सिद्धांत जी शास्त्री

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मेरठ 29 अगस्त (प्र)। श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर असौड़ा हाउस में प्रातः 6:30 बजे अभिषेक एवं शांति धारा हुई जिसमें मुख्य शांतिधारा स्वर्ण झारी से करने का सौभाग्य राकेश जैन अंकित जैन परिवार को प्राप्त हुआ एवं रजत झारी से शांति धारा करने का सौभाग्य पूनम चंदन प्रतीक जैन राकेश जैन रचित जैन एवं अशोक जैन अवकाश जैन परिवार को मिला उसके पश्चात सभी श्रद्धालुओं ने पूजा एवं कल्याण मंदिर विधान किया जिसमें सभी भक्तजन ने अर्घ मंडले पर समर्पित किए उसी के साथ सभी श्रद्धालुओं ने भक्ति के साथ नृत्य करते हुए पूजन विधान का आनंद लेते हुए पूजन विधान संपन्न किया।

पर्युषणपर्व के दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म पर असौड़ा हाउस मंदिर में पंडित सिद्धांत जी शास्त्री जी ने कहा की जब तक व्यक्ति मान का मर्दन नहीं करेगा,तब तक उसके द्वारा किए गए धार्मिक कार्यों का महत्व नहीं है। घमंड व्यक्ति के अपयश के साथ-साथ संपूर्ण विनाश की निशानी है। अत: घमंड का शमन करने पर ही मार्दव धर्म का पालन होता है। यदि आप सम्मान पाना चाहते हो तो आपको सामने वाले को सम्मान देना होगा। तभी आप सम्मान पा सकते हैं। जो झुकता है वही ऊपर उठता है।

शास्त्री श्री ने कहा की लक्ष्मी व्यय करने से बढ़ती है। यदि वह सद्कार्य में व्यय की जाये, दान, परमार्थ,जीवदया, मंदिर निर्माण, धर्मशाला निर्माण आदि में व्यय की जाए तो धन कई गुना होकर प्राप्त होता है।
रचित जैन जैन ने उत्तम मार्दव धर्म के बारे में बताते हुए कहा कि परद्रव्य के आश्रय से छोटा बड़ा मानना ही मान है। झुकने का नाम ज्ञान तथा झुकाने का नाम मान है। ज्ञान के लिये स्व और मान के लिये पर चाहिए। समानता का नाम,भगवान और अपने में अंतर देखना मार्दव धर्म है।
इसके उपरांत साय 7:30 मंदिर जी मे सांस्कृतिक कार्यक्रम धार्मिक प्रतियोगिता संजय जैन शोभा जैन पूनम जैन जी द्वारा कराया गया जिसमें मंदिर की बालिकाओं द्वारा बहुत ही सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया गया जिसमें सभी श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया एवं सभी ने तालियो से बच्चों का उत्साह बढ़ाया इसके पश्चात छोटे बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता रखी गई अंत में जिनवाणी स्तुति आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

मंदिर परिसर में रमेश जैन विनोद जैन मनोज जैन सुशील जैन राजीव जैन उमेश जैन नीलू जैन अनामिका जैन बबिता जैन नवीन जैन पंकज जैन नितिन जैन रचित जैन प्रतीक जैन सारिका जैन सौम्या जैन रिशु जैन आदि उपस्थित रहे।

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