मेरठ 20 जनवरी (दैनिक केसर खुशबू टाइम्स)। देश का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे फरवरी के दूसरे सप्ताह में आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक तैयार हो चुका है। इसके शुरू होने से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा न केवल तेज होगी, बल्कि काफी सुगम भी हो जाएगी। देशवासियों को लंबी दूरी के आवगमन में जाम की समस्या और परेशानियों से बचाने के लिए केन्द्र प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को साकार रूप देने में लगे सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के दिशा निर्देशों में यूपी के मेरठ को सीधे प्रयागराज से जोड़ने हेतु देश के सबसे लंबे गंगाएक्सप्रेसवे का 594 किलोमीटर बनकर तैयार हो गया बताया जा रहा है। बताते चले कि मेरठ से प्रयागराज जाने का टोल 1515 रूपये होगा। गंगा एक्सप्रेसवे पर कार और हल्के वाहनों के लिए अनुमानित टोल दर 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर तय की गई है। इस हिसाब से मेरठ से प्रयागराज तक कार से यात्रा करने पर करीब 1515 रुपये टोल बनता है।
यह होंगी सुविधा
टोल बूम पर अत्याधुनिक कैमरों और सर्विस सिस्टम लगाया गया है.
फास्टैग को स्कैन करके टोल बूम एक से डेढ सेकंड में खुल जाएगा.
कोशिश की जा रही है कि टोल बूथ पर वाहन चालकों को ब्रेक लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
अनुमानित टोल दरें (प्रति किमी)
कार, जीप, वैन और हल्के वाहन 2.55 रुपये
हल्के वाणिज्यिक वाहन और मिनी बस 4.05 रुपये
बस और ट्रक 8.15 रुपये
भारी निर्माण वाहन 12.55 रुपये
ओवरसाइज वाहन 16.05 रुपये
विशेष दरें (एकतरफा पास)
कार/वैन लगभग 145 रुपये (कम दूरी)
बस/ट्रक लगभग 455 रुपये
इस तरह कटेगा टोल
अगर हम बात करें कि गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल किस तरह कटेगा तो बता दें, ये चार पैकेज में है. प्रथम पैकेज मेरठ से बदायूं तक का है. इसका संचालन आईआरबी – इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड पर है. वहीं, शेष तीनों पैकेज अदाणी ग्रुप के पास हैं. मेरठ से बदायूं तक सफर पूरा होने पर वहां स्थापित टोल प्लाजा से टोल टैक्स काट लिया जाएगा. इसके आगे के तीनों पैकेज का टोला प्रयागराज में एक साथ कटेगा. इसी प्रकार वापसी में भी बदायूं में तीन पैकेज का टोल काट लिया जाएगा. बदायूं से मेरठ तक आने का टोल मेरठ में कटेगा. गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल वाहन के प्रकार और दूरी पर निर्भर होगा. अनुमानित दरों के साथ मासिक पास और छोटे रूट के लिए अलग दरें भी तैयार की जा रहीं हैं. उनको जल्द घोषित कर दिया आएगा.
मेरठ सर्किल में टोल बूथ
सिंभाली में दिल्ली-मुरादाबाद रोड़
सदरपुर में गढ़- बुलंदशहर रोड
संभल में अनूपशहर जाने वाली रोड
हसनपुर से अलीगढ़ जाने वाली रोड
चंदौसी से अलीगढ़ के लिए जाने वाली रोड
12 जिले से होकर गुजरा है एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे पश्चिमी यूपी में मेरठ को पूर्वी यूपी में प्रयागराज (इलाहाबाद) से जोड़ेगा , इसके मार्ग में 12 जिले- मेरठ, हापुड, बुलन्दशहर, अमरोहा, संभल, बदांयू, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल हैं। पीएम मोदी ने ही 18 दिसंबर 2021 को इस एक्सप्रेसवे की नींव रखी थी। गंगा एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी। ये एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज जुदापुर दांडू गांव तक है।
क्यों खास है गंगा एक्सप्रेसवे?
गंगा एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसका विशाल और आधुनिक ढांचा है. यह एक्सप्रेसवे 140 से अधिक जल स्रोतों के ऊपर से गुजरता है और इसे सुरक्षा व मजबूती को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. परियोजना में 7 रोड ओवरब्रिज, 17 इंटरचेंज, 14 बड़े पुल और 126 छोटे पुल बनाए गए हैं. इसके अलावा 28 फ्लाईओवर, 50 वाहन अंडरपास, 171 लाइट व्हीकल अंडरपास और 160 छोटे वाहन अंडरपास भी बनाए गए हैं. इतने बड़े स्तर पर किए गए निर्माण से यह साफ है कि एक्सप्रेसवे को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.
