Friday, August 29

खेत पर गये दम्पत्ति की हत्या को लेकर बवाल, दो संदिग्धों को पीटा, छुड़ाने गई पुलिस से धक्का-मुक्की-पथराव

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बिजनाैर 31 जुलाई। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में दिनदहाड़े दंपति की हत्या से सनसनी फैल गई. घटना बिजनौर के नूरपुर थाने के रहमानपुर पुरैना गांव की है. मृतकों की पहचान 33 वर्षीय निपेंदर और 32 वर्षीय पत्नी गीता के रूप में हुई है. वो सुबह आठ बजे ठेके पर जमीन लेकर बोये गये धान की फसल से खरपतवार निकालने गए थे, लेकिन दोपहर तक वापस नहीं लौटे. माता-पिता दोपहर बाद तक खेत से घर वापस नहीं लौटे तो उनका बेटा खेत में आया. उसने खेत से कुछ दूर एक पेड़ के नीचे निपेंदर को पड़ा देखा. आसपास गीता नहीं दिखाई दी उसने आवाज भी दी, लेकिन गीता का कुछ पता नहीं चला. इसके बाद वह भागकर घर आया और उसने सारी बात अपने चाचा अंकित को बताई. यह सुनते ही अंकित कुछ लोगों के साथ मौके पर वहां पहुंचा. वह साथ गए लोगों की मदद से निपेंदर के शव को उठाकर गांव लेकर आ गया इसके बाद महिला की तलाश शुरु की गई.इस दौरान निपेंदर के शव से करीब सौ- डेढ सौ मीटर की दूरी पर गीता का भी शव पड़ा मिला. घटना की सूचना मिलने पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे.

पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया। मगर गुस्साए लोग हंगामा करते रहे और शव नहीं उठने दिए। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

वहीं नूरपुर थाना क्षेत्र के गांव पुरैना में दंपति की हत्या के अगले ही दिन गांव में दो अज्ञात युवकों को देखकर ग्रामीणों ने उन्हें संदिग्ध समझ लिया और पकड़कर पिटाई शुरू कर दी।

घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और दोनों संदिग्धों को ग्रामीणों के कब्जे से छुड़ाने की कोशिश की। लेकिन तभी भारी भीड़ इकट्ठा हो गई और लाठी-डंडे लेकर पुलिस के सामने खड़ी हो गई। पुलिस को चारों ओर से घेर लिया। अतिरिक्त फोर्स ने पहुंचकर मामला संभाला।

बताया गया कि ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों से नोंकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट भी की। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने बल प्रयोग किया और किसी तरह दोनों संदिग्धों को भीड़ से छुड़ाया।

बताया गया कि ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस को चारों ओर से घेरने के लिए रास्तों में बुग्गी तक खड़ी कर दी गईं। अचानक हुए इस घटनाक्रम से पुलिस भी सकते में आ गई और तत्काल अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई। बाद में हालात काबू में लाए गए और गांव में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भीड़ में शामिल कई लोगों की पहचान शुरू कर दी है। ग्रामीणों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, रास्ता रोकने और कानून व्यवस्था भंग करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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