मेरठ 08 जनवरी (प्र)। मेरठ रेंज में फर्जी जमानत देने वालों का जाल फैला है। यह खुलासा डीआईजी रेंज कलानिधि नैथानी के द्वारा कराए गए सत्यापन अभियान के दौरान हुआ है। डीआईजी की मानें तो रेंज के चारों जनपदों में 155 पेशेवर/फर्जी/बाहरी जमानतदारों की पहचान की गई। इनमें से 44 जमानतदारों पर 21 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
अपर पुलिस महानिदेशक (लॉ एंड ऑर्डर) की ओर से निर्देश जारी किए गए थे कि सभी जनपद अपने स्तर से ऐसे लोगों की पहचान करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करें जो फर्जी जमानत देने का काम करते हैं। मेरठ रेंज के अंतर्गत आने वाले जनपदों मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़ और बागपत में भी सत्यापन अभियान चलाया गया।
कुल 2283 जमानत देने वाले चिह्नित किए गए है, जिनमें 155 पेशेवर/फर्जी/बाहरी जमानती की पहचान हुई। इनका सत्यापन कराने पर 44 जमानती ऐसे मिले जो रुपये के लिए जमानत देने का काम करते आ रहे थे। इनके खिलाफ 21 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
मेरठ के आंकड़ों की बात करें तो यहां 720 जमानतियों का सत्यापन हुआ। इनमें 26 पेशेवर जमानती मिले हैं। 28 फर्जी जमानती हैं। 28 अभियुक्तों के खिलाफ 12 अभियोग पंजीकृत किये गये हैं।
बुलंदशहर में 690 जमानतियों का सत्यापन हुआ। इनमें 11 पेशेवर, 14 फर्जी और 21 बाहरी जमानती सामने आए। 14 अभियुक्तों के खिलाफ 8 अभियोग पंजीकृत किए गए हैं।
हापुड़ में 665 जमानतियों का सत्यापन हुआ। इनमें 23 पेशेवर और 20 बाहरी जमानती मिले हैं। हालांकि यहां कोई अभियोग पंजीकृत नहीं किया गया है।
बागपत में 208 जमानतियों का सत्यापन किया गया। इनमें 23 पेशेवर जमानती और 10 बाहरी जमानती सामने आए। यहां भी कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने फर्जी जमानतदारों पर आगे भी प्रभावी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उन्होंने बताया कि सभी जनपदों को निर्देश दिए गए हैं कि वह सत्यापन अभियान जारी रखें और ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई करें। ताकि फर्जी जमानत का खेल रुक सके।
