नई दिल्ली 16 अगस्त। राजधानी दिल्ली समेत एनसीआर में शुक्रवार सुबह से लगातार हो रही है. इसी बीच निजामुद्दीन इलाके में बड़ा हादसा हो गया. हुमायूं के मकबरे के पीछे स्थित फतेह शाह की दरगाह की दीवार व छत का एक हिस्सा अचानक ढह गया. इस दौरान कई लोग दरगाह के भीतर मौजूद थे, जो मलबे के नीचे दब गए हैं.
फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक, 3 महिलाओं और 2 पुरुषों की मौत हो गई है, एक और मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 3 लोग घायल हो गए हैं. कई लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. पुलिस कंट्रोल रूम को दोपहर 3:55 बजे इस घटना की सूचना मिली.
सूचना मिलते ही निजामुद्दीन थाने के एसएचओ व स्थानीय पुलिस टीम महज पांच मिनट में मौके पर पहुंची और तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया गया. थोड़ी ही देर में दमकलकर्मी, कैट्स एम्बुलेंस और बाद में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम भी बचाव कार्य में शामिल हो गई.
दिल्ली पुलिस की तरफ से जारी की गई जानकारी के मुताबिक, मलबे से लोगों को निकाला जा चुका है. एम्स में कुल 9 लोग लाए गए, जिनमें से पांच की मौत हो गई और चार की हालत स्थिर है और अंडरऑब्जर्वेशन में हैं. घायलों में मोहम्मद शमीम, आर्यन, गुड़िया और रफत परवीन को इलाज के लिए एम्स ट्रॉमा सेंटर, लोक नायक अस्पताल और राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब तक करीब 11 लोगों को मलबे से निकाला गया है और सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
वहीं, दूसरी ओर हुमायूं के मकबरे के साइट इंचार्ज रोहित कुमार ने स्पष्ट किया है कि हादसे में गिरी मस्जिद की दीवार व छत हुमायूं के मकबरे का हिस्सा नहीं है. यह संरचना भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधीन भी नहीं है. उन्होंने बताया कि यह मस्जिद हुमायूं टॉम्ब की बाउंड्री के पास स्थित है, लेकिन उससे वास्तुशिल्प या प्रशासनिक रूप से जुड़ी हुई नहीं है.
इस घटना पर दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट डॉ. श्रवण बागड़िया ने कहा, ‘घटना में छह लोगों की जान चली गई है. यह जांच का विषय है और अगर कोई एएसआई साइट पर अवैध रूप से रह रहा था तो कार्रवाई की जाएगी.