मेरठ, 16 मार्च (दैनिक केसर खुशबू टाईम्स)। जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण की ओर से गत दिवस जिले के विभिन्न केंद्रों पर हुई साक्षरता परीक्षा में कई उम्रदराज बुजुर्गों महिला-पुरुष परीक्षार्थियों ने भी हिस्सा लिया। इनमें कई की उम्र तो 80 साल से भी ज्यादा थी। इसके बावजूद उन्होंने परीक्षा में उत्साह के साथ हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि साक्षर बनकर उनकी जिंदगी की दिशा बदल गई है।
परीक्षा गत दिवस सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक हुई। कुल 2500 परीक्षार्थियों का पंजीकरण हुआ था। जिले में कुल 96 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सुबह से हुई बरसात के बावजूद परीक्षा में 2327 परीक्षार्थी शामिल हुए। प्राथमिक विद्यालय फिटकरी केंद्र पर 83 वर्षीय छोटे नामक परीक्षार्थी ने परीक्षा दी। परीक्षा देकर बेहद उत्साहित छोटे का कहना था कि यह सरकार की काफी अच्छी योजना है। गांव में साक्षरता अभियान के दौरान चलने वाली कक्षाओं से जुड़ने से पूर्व काफी मुश्किल आती थी। बस, ट्रेन, किसी स्थान का पता आदि के बारे में दूसरों से पूछना पड़ता था। इसमें कई बार सही जानकारी भी नहीं मिल पाती थी। अब वह स्वयं ही पढ़कर इन सबकी जानकारी ले लेते हैं। फिटकरी केंद्र पर ही 83 साल की बानो व 66 वर्षीय कृष्णा देवी समेत अन्य पुरुष एवं महिला परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। उनका कहना था कि वे साक्षर होने के बाद अंगूठा लगाने के बजाय हस्ताक्षर करने लगे हैं। घर का हिसाब-किताब भी स्वयं कर लेते हैं। इससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। वे अपनी पढ़ाई जारी रखेंगी। उनकी शिक्षिका कोमल अच्छी तरह पढ़ा रही हैं।
साक्षरता परीक्षा 83 साल के छोटे व बानो ने दी
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