नई दिल्ली 23 अगस्त। केंद्र सरकार ने पुराने वाहनों के दोबारा रजिस्ट्रेशन यानी Renewal of Registration की फीस में बड़ा इजाफा किया है. इसको लेकर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नया नोटिफिकेशन जारी किया है. सरकार के मुताबिक, इस कदम का मकसद देश में 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों के इस्तेमाल को कुछ हद तक कम करना है.
अब तक केवल 15 साल तक के पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन Renew (नवीनीकरण) कराना संभव था. लेकिन नए नियम के मुताबिक, 20 साल से ज्यादा पुराने वाहनों के लिए भी यह सुविधा मिलेगी. हालांकि इसके लिए रजिस्ट्रेशन फीस को बढ़ाने का ऐलान किया गया है. सरकार के मुताबिक, गाड़ियों की उम्र बढ़ाने से वाहन मालिकों को राहत मिलेगी और पुराने वाहनों का उपयोग कानूनी रूप से संभव रहेगा.
क्या होगी नई रजिस्ट्रेशन फीस?
नए नियमों के तहत अलग-अलग श्रेणियों के वाहनों की फीस इस प्रकार से तय की गई है:
इनवैलिड कैरिज – 100 रुपये
मोटरसाइकिल – 2,000 रुपये
थ्री-व्हीलर/क्वाड्रिसाइकिल – 5,000 रुपये
लाइट मोटर व्हीकल (कार आदि) – 10,000 रुपये
इंपोर्टेड मोटर वाहन (2 या 3 पहिया) – 20,000 रुपये
इंपोर्टेड मोटर वाहन (4 या अधिक पहिया) – 80,000 रुपये
अन्य वाहन – 12,000 रुपये
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन दरों में GST शामिल नहीं है.
कब तक चल पाएंगे पुराने वाहन?
नए नियमों के मुताबिक, कोई भी वाहन पहली रजिस्ट्रेशन की तारीख से अधिकतम 20 साल तक रजिस्टर किया जा सकता है. यानी 15 साल पूरे होने के बाद वाहन मालिक को दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना होगा, लेकिन उसके लिए भारी फीस देनी होगी.
दिल्ली-NCR को मिलेगी छूट
यह नियम पूरे देश में लागू होंगे, लेकिन दिल्ली-NCR को इसमें छूट दी गई है। यहां पहले से ही पुराने वाहनों पर सख़्त पाबंदियां लागू हैं. सरकार का मानना है कि यह कदम पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से हटाने में मदद करेगा, जिससे प्रदूषण नियंत्रण और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा.
सरकार ने ऐसा क्यों किया?
परिवहन मंत्रालय ने 20 साल से ज्यादा पुराने मोटर वाहनों के पंजीकरण नवीनीकरण शुल्क में वृद्धि की है, ताकि लोगों को इन्हें रखने से हतोत्साहित किया जा सके। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने एक अधिसूचना में घोषणा की है कि 20 साल से ज्यादा पुराने हल्के मोटर वाहनों (LMV) के लिए नवीनीकरण शुल्क 5,000 रुपये से दोगुना करके 10,000 रुपये कर दिया गया है।
अक्तूबर 2021 में भी शुल्क में वृद्धि हुई थी
संशोधन का मसौदा फरवरी में जारी किया गया था और 21 अगस्त को इसे अंतिम रूप दिया गया। मंत्रालय ने अक्तूबर 2021 में मोटरसाइकिल, तिपहिया वाहनों और कारों के पंजीकरण और नवीनीकरण शुल्क में वृद्धि की थी।
पुरानी गाड़ियों को लेकर घमासान
हालांकि, सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव को अभी रोक दिया गया है। सरकार इस पर बाद में फैसला लेगी। ये बदलाव सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद आए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और एनसीआर में 15 साल से ज्यादा पुरानी पेट्रोल गाड़ियों और 10 साल से ज्यादा पुरानी डीजल गाड़ियों के मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करने पर रोक लगा दी है।