Friday, August 29

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के संघ के प्रार्थना गीत के शब्द गुनगुनाने पर ऐतराज क्यों इन्हें तो हर भारतीय नागरिक को रोज ही गाना चाहिए

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कर्नाटक में आरसीबी भगदड़ को लेकर छेड़े विवाद के बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक पर पलटवार करते हुए उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि उन्हें भाजपा की चालों के बारे में सब पता है। फिर उन्होंने आरएसएस की प्रार्थना नमस्ते सदा वत्सले मातृ भूमि की कुछ पंक्तियां पढ़ीं जिसे लेकर जो राजनीति छिड़ी है उसमें भाजपा कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कह रही है कि उसके अधिकांश नेता आरएसएस की प्रशंसा कर रहे हैं। भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने कहा कि डीके शिवकुमार को गत गुरूवार को विधानसभा में आरएसएस का प्रार्थना गीत गाते हुए देखा गया। राहुल गांधी और वाड्रा परिवार के करीबी सहयोगी अब आईसीए कोमा में हैं। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर पीएम द्वारा आरएसएस की तारीफ पर कांग्रेस की आलोचना का भी जिक्र किया। डीके शिवकुमार का कहना है कि मैं जन्मजात कांग्रेसी हूं। एक नेता के तौर पर मुझे अपने दोस्तों और दुश्मनों को जानना चाहिए। भांजपा से हाथ मिलाने का काम नहीं करूंगा। आजीवन कांग्रेस के साथ हूं। मुझे लगता है कि इस प्रार्थना में जितने भी शब्द है वो सब भारतीय संस्कृति और परंपराओं व देशभक्ति से परिपूर्ण हैं। नमस्ते हम रोज करते हैं। मातृभूमि की प्रार्थना सभी देशभक्त करते हैं। इसलिए डीके शिवकुमार द्वारा इन शब्दों का उपयोग किया जाना ना तो गलत है और ना इससे यह सोच सकते हैं कि वो कांग्रेस छोड़ेंगे। देशभक्ति के गाने हर भारतीय को गाने चाहिए। आरएसएस की बात करें तो जन्म से ही इसका देश की एकता को मजबूत करने का उददेश्य दिखाई दिया है। अब तो संघ प्रमुख भी अपनी आयोजनों में अल्पसंख्यकों के साथ ही कहते रहे हैं कि जो भी आना चाहे सबका स्वागत है। जानकारों का मानना है कि उनके द्वारा राहुल गांधी को भी आमंत्रित किया जा चुका है मगर्र डीके शिवकुमार द्वारा आरएसएस के प्रार्थना गीत के कुछ शब्द गुनगुनाने को गलत तरीके से नहीं लेना चाहिए। इससे तो कोई भी नेता इस गीत को गुनगुनाते से बचने लगेगा जो किसी भी रूप में ठीक नहीं कहा जा सकता।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

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