मेरठ 28 अगस्त (प्र)। आरटीओ ऑफिस में भ्रष्टाचार से जुड़ा एक अजीब खेल सामने आया है। आरटीओ ऑफिस में डेढ़ साल पहले मृत व्यक्ति को जिंदा दिखाकर एक वेगनार कार को अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कर दिया गया। मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने आरटीओ ऑफिस में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। आरटीओ प्रवर्तन ने सारे मामले की जांच बिठा दी। उन्होंने कहा कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी। उसे खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष गौरव शर्मा के साथ काफी संख्या में लोग आरटीओ आफिस पहुंचे। उन्होंने आरटीओ प्रवर्तन राजकुमार से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि माधवपुरम प्रेम विहार में रहने वाले ट्रांसपोर्टर विपुल शर्मा की ट्रांसपोर्ट नगर में रामाकृष्णा ट्रांसपोर्ट के नाम से कंपनी है। उनके पिता पुरुषोत्तम शर्मा ने एचडीएफसी से लोन कराकर 2017 में एक वेगनकार खरीदी। उनके पिता पुरुषोत्तम का 1 जनवरी, 2024 को देहांत हो गया। उन्होंने अपने पिता के नाम की कार बेचने के लिए एक फोर सेल डीलर को कार दे रखी महीने बीतने के बाद विपुल शर्मा ने अपनी कार वापस मांगी तो फोर सेल डीलर मालिक ने कार देने से आनाकानी करने लगा। उन्हें शक हुआ तो उन्होंने आरटीओ आफिस पहुंचे। उन्होंने देखा कि उनके पिता की कार श्याम सिंह नाम के किसी युवक के नाम ट्रांसफर कर दी गई। जबकि उनके पिता की डेढ़ साल पहले ही मौत हो चुकी है। उन्होंने अपने पिता का डेथ सर्टिफिकेट भी बनवा रखा है।
आरटीओ प्रवर्तन ने तलब किया क्लर्क को
सारे मामले को सुनकर आरटीओ प्रवर्तन राजकुमार ने संबंधित बाबू को तत्काल बुलाया। सारे मामले की फाइल को जब्त किया ट्रांसफर क्लर्क ने बताया कि एक कार एक हफ्ते पहले ही ट्रांसफर हुई है। दो लोग उनके पास आए थे। उन्होंने साइन किए है। सवाल ये है कि जब उनके पिता की मौत हो गई है तो कार किसने ट्रांसफर की आरटीओ प्रवर्तन राजकुमार का कहना है कहना है कि सारे मामले की जांच बैठा दी है। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।