मेरठ 29 दिसंबर (प्र)। वर्ष 2025 ट्रेन के यात्रियों के लिए खट्टी मीठी यादों वाला रहा। दिल्ली से मेरठ के बीच देश की पहली रीजनल रैपिल ट्रेन खूब दौड़ी, लेकिन मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक सवा साल में यात्रियों को सफर नहीं करा पाई। मेट्रो ट्रेन भी शहर में खाली संचालित की जा रही। लोग इन ट्रेनों को हसरतभरी निगाहों निहारते हैं। शहर में उक्त ट्रेनों का संचालन शुरू होने से मोदीपुरम से सराय काले खां का सफर मात्र 55 मिनट का हो जाएगा, वहीं मेरठ साउथ से मोदीपुरम के कॉरिडोर में एक स्थान से दूसरे स्थान जाने का सफर मिनटों हो जाएगा। लोगों को जाम से राहत मिलेगी।
उधर रेलवे ने मेरठ से संचालित होने वाली वंदे भारत से अयोध्या के श्रीराम मंदिर और वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन कराने शुरू करने से तीर्थयात्रियों को 2025 में तोहफा दिया, लेकिन 252 करोड़ रुपये की सिटी स्टेशन के कायाकल्प योजना का बजट घटाकर मात्र 98 करोड़ करने से इसी सुविधाओं में कटौती कर दी। रेलवे ने वर्ष के अंत में लंबी दूरी के ट्रेनों के किराये में बढ़ोत्तरी कर यात्रियों को जोरदार झटका से लगाया। दरअसल, देश की पहली रीजनल रैपिड रेल मेरठ के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक 82 किमी के कॉरिडोर की योजना है। देश में पहली बार मेरठ साउथ स्टेशन से मोदीपुरम से एक किलोमीटर आगे मोदीपुर डिपो तक रेपिड रेल के ट्रैक पर मेट्रो ट्रेन के संचालन की योजना है। अगस्त, 2024 में मेरठ साउथ से आनंदविहार दिल्ली तक इस ट्रेन का संचालन शुरू किया गया।
इस वर्ष दिल्ली के न्यू अशोकनगर से मेरठ साउथ स्टेशन तक 55 किमी के खंड में नमो भारत का संचालन किया जा रहा है। मेरठ साउथ से मेरठ के मोदीपुरम डिपो तक ट्रैक और 13 स्टेशन बनकर तैयार हैं, इनपर नमो भारत और मेट्रो ट्रेनों का करीब चार माह से ट्रॉयल चल रहा है. लेकिन यात्रियों को सफर कराने को ग्रीन सिग्नल नहीं मिला। लोग 23 किमी लंबे स्टेच पर नमो भारत व मेट्रो ट्रेनों को खाली दौड़ते हुए हसरतभरी निगाहों से देखते हैं। उन्हें इन ट्रेनों के शहर में दौड़ने और उसमें सफर करने का बेसब्री से इंतजार है। शहर में इन हाईस्पीड ट्रेनों का संचालन शुरू होने से जहां मोदीपुरम से सराय काले खां का सफर मात्र 55 मिनट का हो जाएगा, वहीं मेरठ साउथ से मोदीपुरम के कॉरिडोर में एक स्थान से दूसरे स्थान यात्री मिनटों में पहुंच जाएंगे। लोगों को जाम से निजात मिलेगी। उम्मीद की जा रही है कि जनवरी में उक्त ट्रेनें शहर में यात्रियों को सेवाएं देना शुरू कर देंगी।
रेलवे ने पूरी की तीर्थयात्रियों की मांग
उत्तर रेलवे ने तीर्थयात्रियों की वर्षों से चली आ रही मांग को पूरा किया। मेरठ से लखनऊ तक संचालित की जाने वाली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत का संचालन 27 अगस्त से अयोध्या होते हुए वाराणसी तक शुरू किया। इससे हजारों तीर्थयात्रियों को अयोध्या के श्रीराम मंदिर और बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन करने का मौका मिला। बीच में कई मौकों पर स्पेशल ट्रेनों का कुछ समय के लिए संचालन भी किया गया।
सिटी स्टेशन के कायाकल्प योजना पर काम शुरू
अमृत भारत योजना के तहत 252 करोड़ रुपये की सिटी स्टेशन के कायाकल्प योजना का बजेट घटाकर मात्र 98 करोड़ कर दिया। इससे इस स्टेशन पर ऐयरपोर्ट जैसा लुक और सुविधाओं में कटौती कर दी जाएगी। इससे मेरठ के लोगों को मायूसी हाथ लगी। हालांकि रेलवे स्टेशन पर निर्माण कार्य शुरू करने कवायद शुरू हो गई।
न्यू गाजियाबाद टपरी ट्रैक पर नहीं हो पाई 130 किमी
न्यू गाजियाबाद से सहारनपुर के टपरी ट्रैक पर करीब चार वर्षों से 130 किमी प्रति घंटा की स्पीड से ट्रेनों को दौड़ाने के काम चल रहा है। रेलवे ट्रैक बनकर तैयार हो गया, अब सिग्नल सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है। यह कार्य 2025 में भी पूरा नहीं हो पाया।
किराये में बढ़ोतरी से यात्रियों को दिया झटका
रेलवे ने वर्ष के अंत में लंबी दूरी के ट्रेनों के किराये में बढ़ोतरी कर यात्रियों को जोरदार झटका से लगाया। रेलवे ने विभिन्न श्रेणियों की ट्रेनों के किराये में एक पैसे और दो पैसे प्रति किमी की दर से वृद्धि की विभिन्न श्रेणियों के किराये में पांच रुपये, 10 रुपये, 15 रुपये और 20 रुपये की बढ़ोतरी की गई।
पटरी पर नहीं उतरी अंबाला पैसेंजर, यात्री परेशान
मेरठ से अंबाला के बीच अंबाला पैसेंजर ट्रेन का संचालन किया जाता था। उक्त ट्रेन में रोजाना हजारों यात्री सफर करते थे सैकड़ों दैनिक यात्री इस ट्रेन का सफर करते थे। उक्त ट्रेन के पहिये कोरोना काल में थम गए थे। इस ट्रेन को दोबारा पटरी पर उतराने की मांग वर्षों से की जा रही, लेकिन आज तक उक्त ट्रेन का दोबारा संचालन शुरू नहीं किया गया, हजारों यात्रियों को पूरे साल मायूसी हाथ लगी।
